राज्यसभा के बाद विधान परिषद् की 9 सीटों के लिए होगी जंग! NDA-INDIA में कौन किस पर भारी?

पटना : राज्यसभा चुनाव के बीच सियासी दलों में अभी से ही बिहार विधान परिषद् की नौ खाली सीटों के लिए चर्चा शुरू हो गई है। विधान परिषद् की नौ सीटें 28 जून 2026 को खाली होंगी। वहीं आठ सीटें नवंबर 2026 में खाली होंगी। यानी कुल 17 सीटों के लिए सियासी जंग इस साल जारी रहेगी। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में जिन पार्टियों को राज्यसभा में मौका नहीं मिल पाएगा, उन्हें विधान परिषद् से संतुष्ट किया जाएगा।

जून में RJD, JDU, कांग्रेस व BJP की सीटें शामिल है

आपको बता दें कि जून 2026 में जो सीटें खाली होंगी उसमें दो राष्ट्रीय जनता दल (RJD), तीन जनता दल यूनाइटेड (JDU), एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हैं। वहीं दो सीटें पहले से खाली हैं। यानी अप्रैल में राज्यसभा चुनाव के बाद ही विधान परिषद् की नौ सीटों के लिए सियासी दलों के बीच रस्साकसी शुरू हो जाएगी।

बिहार विधान परिषद् – जून में किसकी सीटें होंगी खाली?

दरअसल, जून 2026 में जो सीटें खाली होंगी उसमें राजद से मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह, जदयू से गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमद वर्मा, बीजेपी से संजय मयूख और कांग्रेस से समीर कुमार सिंह शामिल हैं। जून के अलावा इसी साल नवंबर में भी आठ सीटें खाली होंगी। इसमें बीजेपी (2), जनसुराज (1), सीपीआई (1), कांग्रेस (1), निर्दलीय (2) और जदयू से एक है। इसमें चार सीटें स्नातक और चार सीटें शिक्षक कोटे की हैं।

नवंबर में यह सीटें होंगी खाली

नवंबर में खाली हो रहीं सीटों में स्नातक कोटे की बात करें तो इसमें निर्दल बंशीधर ब्रजवासी और सर्वेश कुमार, जदयू से नीरज कुमार, बीजेपी से नरेंद्र कुमार कुमार शामिल हैं। वहीं शिक्षक कोटे वाली सीटों में बीजेपी से नंद किशोर यादव कांग्रेस से मदन मोहन झा, जनसुराज से अफाक अहमद और सीपीआई से संजय कुमार सिंह शामिल हैं। जून में खाली हो रहीं सीटों में से एक नाम दीपक प्रकाश का पक्का माना जा रहा है। वह बिहार सरकार में मंत्री हैं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। बीते वर्ष नवंबर में संपन्न हुए बिहार चुनाव के बाद रालोमो से उन्हें ही मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।

इस नेता की एक सीट पक्की?

जानकारों की मानें तो बिहार चुनाव से पहले ही बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को विधान परिषद् और राज्यसभा में एक-एक सीट का वादा किया था, जिस पर पिता-पुत्र आसीन होंगे। अब यह देखना होगा कि राज्यसभा के बाद जून में नौ और फिर नवंबर में आठ सीटों के लिए पार्टियों की जोर आजमाइश क्या होगी और किसका संख्या बल विधान परिषद् में बढ़ेगा। अभी के आंकड़ों को देखें तो बिहार विधानमंडल के उच्च सदन में बीजेपी (22), जदूय (19), हम (1), राजद (16), कांग्रेस (3), सीपीआईएमल (1) और सीपीआई एक सीट पर है। इसके अलावा पशुपति पारस की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी के पास एक, जनसुराज एक और निर्दलीय छह सीटों काबिज हैं।

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