राज्यव्यापी अतिक्रमण हटाओं अभियान के बाद नीतीश सरकार करेगी ये काम, चिट्ठी हुई जारी तो मचा हड़कंप!
22 Scope News Desk : बिहार में बंपर जीत से गदगद नीतीश सरकार पूरे ऱफ्तार में है। एक तरफ सम्राट की पुलिस अपराधियों पर काल बन कर टूट रही है तो दूसरी तरफ सरकार के बुलडोजर एक्शन से गांव से लेकर शहर तक हड़कंप मच गया है। सरकार न केवल बुलडोजर चला रही है बल्कि आदतन अतिक्रमण करने वालों पर मुकदमा भी दायर कर रही है।
ताजा मामले में सरकार की ओर से जारी चिट्ठी ने विपक्ष के उस बयान पर मुहर लगा दी है जिसमें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी गई 10 हजार की राशि की वसूली की जायेगी। चिट्ठी के सामने आते ही विपक्ष एक बार फिर से हमलावर हो गया है।
योजना सरकार के लिये बहुत लाभकारी साबित हुआ था
चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा नीतीश सरकार का मास्टर स्टोक साबित हुई है और कहा जाता है कि सरकार की बंपर जीत का भी यही कारण है। सरकार की ओर से भी एक लाईन से अधिकतर महिलाओं के खाते में राशि ट्रांसफर कराई गई थी और इसी क्रम दरभंगा जिले के कुछ पुरूषों के खातें भी राशि हस्तांतरित हुई थी।
राहत बनी आफत, रूपये चुकाने की सताने लगी चिंता
मामला दरभंगा जिले के जाले प्रखंड का बताया जा रहा है और चिट्ठी में कहा गया है कि “तकनीकी त्रुटि” के कारण 10 हजार रुपये की यह राशि कुछ पुरुषों के खातों में भी ट्रांसफर हो गई है, जबकि यह योजना केवल महिलाओं के लिए है। पत्र में संबंधित पुरुष लाभार्थियों से तुरंत यह राशि वापस सरकारी खाते में जमा करने का अनुरोध किया गया है।
अब सरकार की नोटिस से लाभार्थियों के हाथ – पांव फूल रहे हैं। दरअसल खातें में पैसा आने की खुशी में गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहे परिवारों ने इस राशि को सरकार की ओर से मिला चुनावी तोहफा समझकर खर्च कर दिया था। अब जब जीविका ने वसूली का पत्र भेजा है, तो लोग असमंजस और गुस्से में हैं। यह रकम, जो पहले उनके लिए राहत जैसी थी, अब उनके लिए सिरदर्द बन गई है, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर भड़का विपक्ष
मामला सामने आने पर लोग इसे पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं वहीं विपक्ष पुरे मामले पर हमलावर हो गया है और उसे बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल गया है।
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