Desk. खबर उत्तर प्रदेश की सियासत से है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को समर्थन देने का पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही इस दौरान उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना भी साधा।
अखिलेश यादव का यह बयान तब सामने आया है, जब पुलिस ने कथित रूप से उन्हें जय प्रकाश नारायण (जेपी) को श्रद्धांजलि देने के लिए लखनऊ में जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) जाने से रोका। बताया जा रहा है कि बाद में अखिलेश यादव ने बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में अपने आवास के बाहर जेपी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार कुछ छिपा रही है, यही वजह है कि उन्हें जेपीएनआईसी जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी को जनता के लिए खोल दिया गया था, लेकिन इस पर काम अधूरा है। “मैंने सुना है कि उन्होंने अपने पसंदीदा बिल्डर को अतिरिक्त 70 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया है, फिर भी काम अधूरा है।”
अखिलेश यादव की नीतीश कुमार से अपील
उन्होंने कहा कि सपा हर साल जेपी की जयंती मनाती है। उन्होंने कहा कि “सरकार, जो कभी गूंगी-बहरी थी, अब अंधी हो गई है।” उन्होंने कहा कि अगर यह नवरात्रि और रामनवमी नहीं होती तो सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जेपीएनआईसी जाने से रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स हटा दिए होते। उन्होंने कहा, “मैं नीतीश कुमार से जेपी के अपमान के मद्देनजर बीजेपी को समर्थन पर पुनर्विचार करने की अपील करता हूं।”
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए कहा कि योगी जेपी के योगदान को नहीं समझते हैं। उन्होंने 1970 के दशक में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। नीतीश कुमार उसे आंदोलन से जुड़े हुए थे। उन्होंने ने कहा कि अगर सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं तो प्रशासन सुरक्षा मुहैया करा सकता था। इसके बजाय, उन्होंने अपना सारा ध्यान मुझे जेपीएनआईसी में प्रवेश करने से रोकने पर केंद्रित किया।
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