रांची: झारखंड के रांची जिले से हाल ही में गिरफ्तार अलकायदा इंडिया सब-कंटिनेंट के पांच संदिग्ध आतंकियों के मामले में नई जानकारियां सामने आई हैं। रांची के बरियातू इलाके में गिरफ्तार किए गए डा. इश्तियाक के मोबाइल से मिले डाटा ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डा. इश्तियाक और उनके साथी आतंकी टेलीग्राम एप का उपयोग कर आपस में जुड़े हुए थे। इस एप के माध्यम से एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क संचालित हो रहा था जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों के आतंकवादी शामिल थे। डा. इश्तियाक ने हजारीबाग के फैजान को इस नेटवर्क के तहत युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी सौंप रखी थी। फैजान ने कई युवाओं को राजस्थान भेजकर उन्हें हथियार चलाने, बम बनाने और अन्य आतंकी गतिविधियों की ट्रेनिंग दी थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में राजस्थान में छापेमारी कर छह संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से सभी झारखंड के निवासी हैं, जिनमें रांची के चान्हों के दो लोग, लोहरदगा के कुडू का एक व्यक्ति और तीन अन्य जिलों के लोग शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
बरामद सामान में एक AK-47 राइफल, एक 39 बोर का रिवाल्वर, 38 बोर के छह कारतूस, 32 बोर के 30 कारतूस, AK-47 के 30 कारतूस, एक डमी इंसास राइफल, एक एयर राइफल, एक आयरन एल्बो पाइप, एक लैंड ग्रेनेड, एक रिमोट कंट्रोल मैकेनिज्म, कुछ तार, एक बैटरी, टेबल वाच, भड़काऊ वीडियो और साहित्य शामिल हैं।
यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करता है और यह दर्शाता है कि देश में आतंकी गतिविधियों को लेकर कितना सतर्क रहना आवश्यक है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के और अधिक पहलुओं की जांच कर रही हैं ताकि अन्य संभावित आतंकवादी गतिविधियों को भी रोका जा सके।







