डिजीटल डेस्क: चिन्मय दास प्रकरण में हस्तक्षेप करे भारत सरकार, अरविंद केजरीवाल ने की मांग। बांग्लादेश में इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तार और जेल भेजे जाने की घटना पर भारत में भी सियासी स्वर मुखरित होने लगे हैं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत सरकार से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने बांग्लादेश में इस्कॉन संत को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की घटना की निंदा की है।
केजरीवाल बोले – चिन्मयदास जी को जल्द मुक्त कराए भारत
अरविंद केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पूरे प्रकरण पर नाराजगी जाहिर की है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चिन्मय दास की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजने की घटना को अन्याय बताया है।
पूर्व सीएम केजरीवाल ने लिखा कि – ‘बांग्लादेश में अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किए गए संत चिन्मय कृष्ण दास जी के साथ पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है। केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इस मामले में हस्तक्षेप करके चिन्मयदास जी को जल्द से जल्द मुक्त कराएं’।

इस्कॉन ने कहा – सनातनियों पर हमले के दोषियों पर कार्रवाई करे बांग्लादेश
इसी बीच बांग्लादेश में अपने प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को जेल में डालने की घटना पर पहली बार इस्कॉन ने भी बयान जारी किया है। अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इस्कॉन ने लिखा है कि – ‘चिन्मय कृ्ष्ण दास और सनातन धर्म के लोगों को बांग्लादेश का नागरिक होने के लिए नाते न्याय का अधिकार है। हमारे खिलाफ होने वाले किसी भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
…हमें परेशान करने वाली खबरें मिली हैं कि इस्कॉन बांग्लादेश के प्रमुख नेताओं में से एक चिन्मय कृष्ण दास को ढाका पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
…इस्कॉन का दुनिया में कहीं भी आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है। इस बारे में बेबुनियाद आरोप लगाना अपमानजनक हैं। …हम बांग्लादेश सरकार से अपील करते हैं कि ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जिसमें सभी वर्गों के लोग शांति से साथ मिलजुलकर रहें।
…चिन्मय कृष्ण दास प्रभु बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रति बहुत मुखर रहे हैं और सरकार को भी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
…हमारी मांग है कि सनातन धर्म के लोगों पर हमले के दोषियों पर कार्रवाई हो, चिन्मय कृष्ण दास और अन्य सनातनियों के अधिकारों की सुरक्षा की जाए एवं बांग्लादेश में शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं’।

भारतीय विदेश मंत्रालय के रुख पर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी…
बीते मंगलवार को ही भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से पूरे मामले पर जाहिर किए जाने पर बांग्लादेशी हुकूमत तिलमिला गई है। भारत ने खुलकर पूरे मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि हिंदुओं पर हमला करने वाले बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि हिंदुओं के लिए सुरक्षा का अधिकार मांगने वाले हिंदू नेताओं को जेल में ठूंसा जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान से तिलमिलाए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने अंदाज में नाराजगी जाहिर की। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है।

चिन्मय दास प्रकरण पर बांग्लादेश से भारत खुलकर जता चुका है नाराजगी…
इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु के खिलाफ बांग्लादेश में राजद्रोह का केस दर्ज करने, फिर उनकी गिरफ्तारी किए जाने और अब उनकी जमानत अर्जी को खारिज किए जाने पर बीते मंगलवार को ही भारत ने तीखी प्रतिक्रिया की थी। बांग्लादेश में इस पूरे प्रकरण पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की थी।
बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत देने से इनकार करने को भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसे अल्पसंख्यकों खास तौर पर हिंदुओं के खिलाफ हमला बताया था।
बांग्लादेश में संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी के बाद वहां विक्षोभ प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हिंसक हमले और दमनात्कम कार्रवाई पर भी भारत ने गंभीर आपत्ति जताई । साथ पूरे मामले पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने बांग्लादेश के अधिकारियों से अपने देश में हिंदुओं के अधिकारों को सुनिश्चित कराने को कहा था।
बीते मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि – ‘सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और जमानत देने से इनकार करना बेहद चिंताजनक है। यह घटना बांग्लादेश में चरमपंथियों की ओर से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए कई हमलों के बाद हुई है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ चोरी और तोड़फोड़ और देवताओं और मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले दर्ज हैं।
….यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन घटनाओं के अपराधी अभी भी छुपे हुए हैं, लेकिन शांतिपूर्ण सभाओं के जरिए जायज़ मांगें पेश करने वाले धार्मिक नेता के खिलाफ़ आरोप लगाए जा रहे हैं।
…हम कृष्ण दास की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे अल्पसंख्यकों पर हमलों पर भी चिंता व्यक्त करते हैं’।

इस्कॉन संत के खिलाफ बांग्लादेश में दर्ज राजद्रोह का मामला एकनजर में…
बांग्लादेश में जेल में निरूद्ध किए गए इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु के खिलाफ दर्ज राजद्रोह का केस पर ढाका पुलिस ने कहा है कि चिन्मय दास की गिरफ्तारी उनके खिलाफ दायर एक शिकायत के आधार पर की गई है। उन पर बांग्लादेश के राष्ट्र ध्वज को अपमानित करने के आरोप हैं। चिन्मय दास पर वे आरोप पूर्व बीएनपी नेता फिरोज खान ने लगाए हैं और आरोप था कि बीते 25 अक्टूबर को चटगांव में हिंदू समुदाय की एक रैली हुई थी। उसी रैली में चिन्मय दास और दूसरे 18 लोगों ने बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अनादर किया। वह आरोप लगाने वाले फिरोज खान आरोप लगाने के कुछ ही दिनों के बदा पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बीएनपी से बाहर हो गए।
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