अजरबैजान से प्रत्यर्पित गैंगस्टर मयंक सिंह से एटीएस की 10 घंटे पूछताछ, लॉरेंस और अमन साहू गैंग से कनेक्शन उजागर
रांची: राजस्थान के सुनील कुमार मीणा उर्फ मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर लाने के बाद एटीएस ने गुरुवार को 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में उसने ज्यादातर सवालों का जवाब इशारों में ही दिया। मयंक ने बताया कि घड़साना स्थित मोहल्ले का एक दोस्त लॉरेंस बिश्नोई का परिचित था। उसी के जरिए उसकी पहली मुलाकात लॉरेंस से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद वह गिरोह से जुड़ गया और उसके लिए काम करने लगा।
Key Highlights
अजरबैजान से प्रत्यर्पित मयंक सिंह से एटीएस ने 10 घंटे पूछताछ की
लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग से कनेक्शन का खुलासा
मलेशिया से हथियार सप्लाई और शूटर खोजने का जिम्मा मिला था
एटीएस गैंग के फाइनेंशियल नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में
लातेहार पुलिस ने भी आठ मामलों में की अलग से पूछताछ
पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मयंक अचानक मलेशिया भाग गया। वहां रहते हुए उसकी मुलाकात गैंगस्टर अमन साहू से हुई। अमन ने उसे हथियार उपलब्ध कराने और नए शूटर खोजने की जिम्मेदारी दी। इसके बाद से मयंक लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के बीच एक कड़ी के रूप में काम करने लगा।
एटीएस टीम ने मयंक से दोनों गैंग के फाइनेंशियल नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई है। सूत्रों के मुताबिक एटीएस जल्द ही गिरोह की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए ठोस कार्रवाई करेगी।
लातेहार पुलिस की पूछताछ
इस बीच झारखंड की लातेहार पुलिस भी धुर्वा स्थित एटीएस मुख्यालय पहुंची और मयंक से दो घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने लातेहार में दर्ज आठ मामलों से जुड़े सवाल किए। इनमें अमन साहू और उसके गुर्गों की भूमिका, धमकी भरे कॉल-मैसेज से हुए आर्थिक लाभ और घटनाओं में उसकी संलिप्तता को लेकर कई सवाल शामिल थे। हालांकि, कई बिंदुओं पर मयंक ने चुप्पी साध ली।
Highlights