मोतिहारी : मोतिहारी में एक बार फिर से सुगौली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक बंधक बनी पीड़िता को बंद कमरे से रेस्क्यू करने के बाद बगैर कोई कारवाई किए ही लावारिश छोड़ दिया गया। बदहवास पीड़िता सुगौली से रक्सौल पहुंची जहां रक्सौल में एक एनजीओ ने सड़क से ले जाकर उस पीड़िता को अपने यहां आश्रय दिया है। उक्त एनजीओ के पहल पर आज तीसरे दिन मामला सामने आया है।
घटना सुगौली थाना के माली पंचायत का है जहां डुमरा गांव में पश्चिम बंगाल की एक युवती को कमरे में पिटाई करने के बाद कैद कर के रखा गया था। युवती पर एक बुजुर्ग से जबरदस्ती शादी करने का दवाब बनाया जा रहा था ताकि उस बुजुर्ग की सारी संपत्ति को हड़पा जा सके। जब युवती ने शादी करने से इनकार किया तो पिटाई कर के उसे कमरे में बंधक बनाया गया था। ग्रामीणों ने 112 पर फोन करके एक युवती को बंधक बनाकर रखने की सूचना पुलिस को दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर युवती को बरामद किया। आर्केस्ट्रा की युवती कमरे के अंदर बेसुध अवस्था में बरामद हुई।
पीड़िता को देखकर लोगो का कहना है कि उसके साथ गलत भी हुआ है। युवती को रेस्क्यू करने के बाद सुगौली थाना ने बजाए कोई कार्रवाई किए पीड़िता को जाने दिया जबकि पीड़िता के साथ गलत होने की चर्चा ग्रामीण करते रहे। वीडियो सोमवार की है और आज जब NEWS 22SCOPE ने जब एसपी के संज्ञान में मामला को दिया तो एसपी के निर्देश पर पीड़िता को सुगौली थाना पर बुलाया गया। महिला थानाध्यक्ष के सामने एएसपी ने पीड़िता का बयान लिया और पुलिस के बयान पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। रक्सौल के एनजीओ के कॉर्डिनेटर ने बताया कि बदहवास पीड़िता को उनकी संस्था ने रक्सौल में सड़क से बरामद किया है। पीड़िता की रेस्क्यू के बाद लावारिश छोड़ देने के मामले में सुगौली पुलिस पर कई गम्भीर सवाल उठने लगे है।
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राजीव रंजन की रिपोर्ट

















