Big Political Statement On Hathras Stampede : मायावती का भोले बाबा पर हमला, बोलीं – ‘भोले बाबा’ जैसे बाबाओं पर सख्त कार्रवाई करे सरकार

मायावती एक अकेली ऐसी नेता हैं, जिन्होंने बाबा सूरजपाल के खिलाफ खुलकर बयान दिया है।

डिजीटल डेस्क : Big Political Statement On Hathras Stampede मायावती की दो टूक‘भोले बाबा’ जैसे बाबाओं पर सख्त कार्रवाई करे सरकार। गत 2 जुलाई को यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान हुए विभत्स हादसे पर सियासी तौर पर पहली कड़ी सियासी प्रतिक्रिया बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से आया है। इसे यूपी और देश की सियासत के लिए अहम माना जा रहा है। वजह यह कि हादसे के बाद से निशाने पर चल रहे साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा की जिस दलित वोटरों में पैठ मानी है और जिस दलित वोट बैंक की नाराजगी से बचने को अब तक सभी सियासी दलों ने चुप्पी साध रखी थी, उन्हीं दलित वोटरों और वोट बैंक की सियासत के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाली बसपा ने ही इस हादसे पर बड़ा बयान दिया है। बयान भी बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने जारी किया है। कहा है कि हाथरस कांड में बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मायावती ने हाथरस हादसे को दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की

हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ मामले में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने हादसे के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील भी की है। हाथरस के सिकंदराराऊ में हुई भगदड़ मामले में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने “भोले बाबा जैसे अनेकों और बाबाओं के अन्धविश्वास व पाखंडवाद के बहकावे में आकर अपने दुख व पीड़ा को और नहीं बढ़ाने की सलाह दी है। बसपा सुप्रीमो ने भगदड़ में 121 लोगों की मौत को अति-चिंताजनक बताया है। उन्होंने बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपील भी की है। शनिवार को मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि “देश में गरीबाों, दलितों व पीड़ितों आदि को अपनी गरीबी व अन्य सभी दुखों को दूर करने के लिए हाथरस के भोले बाबा जैसे अनेकों और बाबाओं के अन्धविश्वास व पाखंडवाद के बहकावे में आकर अपने दुख व पीड़ा को और नहीं बढ़ाना चाहिए, यही सलाह है”।

मायावती बोलीं – भोले बाबा जैसों पर सियासी स्वार्थ में कार्रवाई में ढिलाई न बरते सरकार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसी पोस्ट में आगे लिखा है कि बल्कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के बताए हुए रास्तों पर चलकर गरीबाों, दलितों व पीड़ितों आदि को सत्ता खुद अपने हाथों में लेकर अपनी तकदीर खुद बदलनी होगी। अर्थात् गरीबाों, दलितों व पीड़ितों आदि कोअपनी पार्टी बसपा से ही जुड़ना होगा, तभी ये लोग हाथरस जैसे कांडों से बच सकते हैं जिसमें 121 लोगों की हुई मृत्यु अति-चिंताजनक है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लिखा है कि हाथरस कांड में, बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे अन्य और बाबाओं के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी जरूरी है। इस मामले में सरकार को अपने राजनैतिक स्वार्थ में ढीला नहीं पड़ना चाहिए ताकि आगे लोगों को अपनी जान ना गवांनी पडे़।

भोले बाबा पर खूब बरसीं मायावती, बोलीं – ऐसे बाबाओं के पाखंड में न फंसें

हाथरस हादसे के बाद बसपा प्रमुख मायावती पहली बार नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के खिलाफ खुलकर बोलीं हैं। सियासी लिहाज से मौजूदा माहौल में बसपा सुप्रीमो का बयान काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि सरकार भी पूरे मामले पर संभल कर और फूंक-फूंककर कदम उठा रही है तो अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने भी बाबा के खिलाफ एक्शन को लेकर हादसे के बाद से ही चुप्पी ओढ़ रखी है। इस बीच बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने खुलकर कहा है कि – ‘लोग बाबाओं के पाखंड में न फंसें। अपनी तरदीर खुद बदलें। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलें। देश में गरीबों, दलितों व पीड़ितों को अपनी गरीबी को दूर करने के लिए हाथरस के भोले बाबा जैसे बाबाओं के अन्धविश्वास और उसके पाखंडवाद के न फंसें।’

हाथरस हादसे पर जारी विशेष जांच के संबंध में यूपी के आगरा जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि एसआईटी जल्द ही मुख्यमंत्री को अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
हाथरस हादसे की जांच संबंधी ताजा अपडेट की जानकारी लेते यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

भोले बाबा के खिलाफ अकेले मायावती ने ही खुलकर दिया बयान

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि मेरी यही सलाह है कि बाबाओं के बहकावे में आकर अपने दुख और पीड़ा को और नहीं बढ़ाना चाहिए। हाथरस कांड में बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह अन्य बाबाओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी जरूरी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि इस मामले में सरकार को अपने राजनैतिक स्वार्थ में ढ़ीला नहीं पड़ना चाहिए ताकि आगे लोगों को अपनी जान ना गवांनी पडे़। मायावती एक अकेली ऐसी नेता हैं, जिन्होंने बाबा सूरजपाल के खिलाफ खुलकर बयान दिया है। बता दें कि नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के पास करोड़ों का साम्राज्य है और कई राज्यों में उसका आश्रम है। सूरज पाल खुद को भगवान का सेवक बताता है और भक्त उसे भगवान का अवतार मानते हैं। भोले बाबा जाटव समाज से ताल्लुक रखता है। गरीब तबकों में उसका ज्यादा भक्त है। एसटी-एसटी और ओबीसी समुदाय में उसकी गहरी पैठ है। हाथरस, एटा,  आगरा,  मैनपुरी और शाहजहांपुर में उसका खासा प्रभाव है। यूपी, एमपी, राजस्थान में उसके काफी अनुयायी हैं। साथ ही दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड में भी उसकी पैठ है। हर सत्संग में लाखों की भीड़ होती है। उत्तर प्रदेश में बाबा के करीब 25 आश्रम हैं।

हाथरस हादसे में एसआईटी ने लिए 132 गवाहों के बयान, किसी को क्लीनचिट नहीं

हाथरस हादसे पर जारी विशेष जांच के संबंध में यूपी के आगरा जोन की एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि एसआईटी जल्द ही मुख्यमंत्री को अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। अब तक 132 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। अभी किसी को इस मामले में क्लीनचिट नहीं दी गई है। पुलिस पूछताछ के लिए नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा को भी बुला सकती है। इस बीच हाथरस के पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने बताया कि एक लाख के इनामी मधुकर की पुलिस टीम ने गिरफ्तारी कर ली है। यह गिरफ्तारी दिल्ली से राह चलते हुई है। अस्पताल से कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। दूसरी ओर भोले बाबा के वकील एपी सिंह ने बताया कि हमने वादा किया था कि शुक्रवार तक मधुकर को जांच एजेंसियों को सौंप देंगे। वादे के तहत यूपी पुलिस को बुलाकर आत्मसमर्पण करा दिया। अग्रिम जमानत याचिका भी नहीं लगाई। मधुकर को हृदय रोग है, वह इलाज कराने दिल्ली आए थे। पुलिस जैसे चाहे उनसे पूछताछ कर सकती है। हमने समर्पण कराया, ताकि कोई गिरफ्तारी के लिए इनाम का दावा न करे।

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