Bihar Cabinet on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने पर बिहार मंत्रिपरिषद ने तीन प्रस्ताव पारित किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्य सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन प्रस्तावों और पिछले 12 वर्षों में बिहार के विकास में केंद्र सरकार के योगदान की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इस अवसर पर बिहार मंत्रिपरिषद ने उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
बिहार कैबिनेट ने पारित किए तीन प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पारित किए। पहले प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर बिहार कैबिनेट और राज्य की जनता की ओर से बधाई दी गई। दूसरे प्रस्ताव में पिछले 12 वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। तीसरे प्रस्ताव में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार को विकसित भारत 2047 के निर्माण में अग्रणी भागीदार बनाने का संकल्प लिया गया। इस संकल्प के तहत बिहार को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई।
आवास और मुफ्त राशन योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बिहार में हुए कार्यों का उल्लेख किया। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 55 लाख और शहरी क्षेत्रों में करीब 1.98 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत बिहार के 8.57 करोड़ से अधिक जरूरतमंद लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से गरीब और वंचित परिवारों को सहायता मिली है। उन्होंने जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और सौभाग्य योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। इन योजनाओं को आम लोगों की सुविधाओं और जीवन स्तर में सुधार से जोड़कर देखा गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण में विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि दरभंगा एम्स की आधारशिला रखी गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लगभग 1,264 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में 750 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 125 एमबीबीएस सीटों की परिकल्पना की गई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2013-14 के 13 से बढ़कर 2026-27 तक 32 होने और एमबीबीएस सीटों की संख्या 4,835 तक पहुंचने की जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य में चार करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया। महिला सशक्तीकरण के संदर्भ में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र किया गया। विज्ञप्ति के मुताबिक, योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि अंतरित की गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, बैंक ऋण और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों का भी उल्लेख हुआ। सरकार ने बिहार में 50 लाख से अधिक महिलाओं के लखपति दीदी बनने का दावा किया।
सड़क, रेल, हवाई संपर्क और उद्योगों पर केंद्र का सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में सड़क, रेलवे, हवाई संपर्क और शहरी आधारभूत संरचना के विकास को गति मिली है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई वर्ष 2014 के लगभग 4,615 किलोमीटर से बढ़कर करीब 6,500 किलोमीटर हो गई है। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, पटना-सासाराम कॉरिडोर और अन्य सड़क परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का रेल बजट आवंटन लगभग 10,379 करोड़ रुपये बताया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 98 रेलवे स्टेशनों का चयन किए जाने की जानकारी भी दी गई। औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, औद्योगिक पार्क और आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने की पहलों का जिक्र किया गया। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से विनिर्माण, एमएसएमई, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
कृषि, आरक्षण और विकसित भारत 2047 का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का उल्लेख किया। मखाना, शाही लीची, जर्दालु आम, कतरनी चावल और मगही पान जैसे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहलों की भी जानकारी दी गई। प्रेस विज्ञप्ति में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का भी उल्लेख है। मंत्रिपरिषद ने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार में निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का लक्ष्य केवल विकसित राज्य बनना नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की विकास यात्रा में अग्रणी भागीदार बनना भी है। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए बिहार के विकास में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


















