Cooperative Banking: पटना में BSCB और COMFED के बीच MOA पर हस्ताक्षर। PDCS को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम से ग्रामीणों को डोर स्टेप बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी।
Cooperative Banking पटना: बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की पहल पर 24 फरवरी 2026 को पटना स्थित होटल कौटिल्या पनाश में बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक और कॉम्फेड के बीच एक महत्वपूर्ण एकरारनामा ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डा प्रमोद कुमार और पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेन्द्र मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को सशक्त बनाना और बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। भारत सरकार की सहकारिता में सहकार पहल के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।
Cooperative Banking: PDCS को बैंक मित्र के रूप में विकसित करने की योजना
कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे ने की। उन्होंने बताया कि इस एमओए के तहत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर उन्हें सभी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण स्तर पर ही किसानों और ग्राहकों को सेवाएं मिल सकें।
इस पहल के माध्यम से दुग्ध समितियों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग कर गांवों में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों, विशेषकर महिलाओं और दुग्ध उत्पादकों को बैंक शाखा तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
Key Highlights
पटना में BSCB और COMFED के बीच एमओए पर हस्ताक्षर।
प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को बैंक मित्र बनाया जाएगा।
माइक्रो एटीएम से नकद जमा, निकासी और डिजिटल लेनदेन की सुविधा।
ग्रामीण वित्तीय समावेशन और डोर स्टेप बैंकिंग पर जोर।
किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल।
Cooperative Banking: माइक्रो एटीएम से डोर स्टेप बैंकिंग
समझौते के तहत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए जाएंगे। इनके माध्यम से नकद जमा, नकद निकासी, बैलेंस जांच, खाता खोलना, डिजिटल लेनदेन, ऋण और बीमा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी।
बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह और कॉम्फेड की ओर से प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने एकरारनामा पर हस्ताक्षर किए।
Cooperative Banking: मंत्रियों ने बताई योजना की अहमियत
पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेन्द्र मेहता ने कहा कि दुग्ध एवं पशुपालन से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता और बैंकिंग व्यवस्था का समन्वय आवश्यक है। यह पहल ग्रामीण रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने में सहायक होगी।
सहकारिता मंत्री डा प्रमोद कुमार ने कहा कि बैंक मित्र पहल से गांव स्तर पर बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी और सहकारी समितियां आर्थिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनेंगी। इससे वित्तीय समावेशन को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग और पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नाबार्ड के प्रतिनिधि, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के अध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
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