Bihar Education Schemes, पटना: बिहार में शिक्षा विभाग से जुड़ी लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSBCICO) ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देरी होने पर संबंधित संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया ने योजनाओं की प्रगति और खर्च की समीक्षा की। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
2352 लंबित योजनाओं को दीपावली तक पूरा करने का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की कुल 2352 योजनाएं अब भी लंबित हैं। इन सभी योजनाओं को अगले महीने की 9 तारीख यानी दीपावली तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। विभाग की कोशिश है कि लंबे समय से लंबित योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा कर स्कूलों और शिक्षा से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा सके। प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करनी होगी और जहां काम की रफ्तार धीमी है, वहां आवश्यक कदम उठाने होंगे।
समग्र शिक्षा और पीएम श्री की 3339 योजनाओं पर भी निर्देश
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत कुल 3339 योजनाओं का चयन किया गया है। इनमें से कई योजनाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी चयनित योजनाओं का काम 26 अक्टूबर तक शुरू कराया जाए। अभिषेक पलासिया ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं भी बिहार में शैक्षणिक आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बैठक में बताया गया कि समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत राज्य में करीब 2000 करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से कहा गया कि आवंटित कार्यों को जल्द शुरू कर निर्धारित समय सीमा में पूरा करें।
553.24 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित
बैठक में योजनाओं की प्रगति के साथ वित्तीय खर्च की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के अनुसार, पिछले एक महीने में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में केवल 44.78 करोड़ रुपये खर्च कर योजनाएं पूरी की गईं। अब कुल 553.24 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्धारित योजना के अनुसार अक्टूबर में 150.10 करोड़ रुपये, नवंबर और दिसंबर के दौरान 283.49 करोड़ रुपये तथा मार्च 2027 तक 118.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस राशि के माध्यम से कुल 5726 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का जोर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर वित्तीय लक्ष्य हासिल करने पर भी है।
देरी करने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई
प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा का पालन करना अनिवार्य है। यदि संवेदक तय समय पर काम पूरा नहीं करते हैं, तो एकरारनामा में निर्धारित शर्तों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योजनाओं में स्कूलों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विकास भी शामिल है। इनके समय पर पूरा होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब विभाग की नजर 26 अक्टूबर तक नई चयनित योजनाओं का काम शुरू कराने और दीपावली तक 2352 लंबित योजनाओं को पूरा करने के लक्ष्य पर है। आने वाले दिनों में निर्माण कार्यों की प्रगति और खर्च की नियमित निगरानी की जाएगी।


















