बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में वोटिंग के बाद लालू परिवार के बयान ने सियासी माहौल गर्माया। नीतीश बनाम तेजस्वी की जंग में महिला वोटर निर्णायक।
Bihar Election Phase 1 Voting पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के दौरान राजधानी पटना सहित कई जिलों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिनमें महिलाओं की संख्या खास तौर पर अधिक रही।
वोट डालने के बाद राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता अब विकास के नाम पर नहीं बदलाव के नाम पर” वोट कर रही है। वहीं एनडीए नेताओं का दावा है कि इस बार बिहार जंगलराज नहीं विकासराज के लिए मतदान कर रहा है।
Bihar Election Phase 1 Voting
तेजस्वी यादव ने कहा कि “बिहार की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। इस बार लोग बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं।” वहीं एनडीए प्रत्याशी और मंत्रियों का कहना था कि बिहार के लोग नीतीश कुमार के काम को याद रखेंगे — गंगापथ, सड़कों, शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ा सुधार हुआ है।
Key Highlights:
पटना समेत बिहार के कई जिलों में पहले चरण की वोटिंग शांतिपूर्ण रही।
लालू यादव परिवार (राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव) ने वोट डालने के बाद सरकार पर जमकर निशाना साधा।
नीतीश कुमार के काम और स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज, NDA ने विकास का मुद्दा उठाया।
“फ्रेंडली फाइट” से महागठबंधन को नुकसान या फायदा — इस पर भी हुआ राजनीतिक विश्लेषण।
महिला मतदाताओं की लंबी कतारें बनीं — विश्लेषकों का मानना है कि महिलाएं इस बार ‘निर्णायक’ साबित होंगी।
एनडीए नेताओं ने कहा, “बिहार में जंगलराज नहीं, विकास के लिए मतदान हो रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस चुनाव में महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। मतदान केंद्रों पर महिलाओं की उपस्थिति पुरुषों से कहीं अधिक रही। ग्रामीण इलाकों में भी महिलाएं सुबह-सुबह घर का काम छोड़कर वोट डालने पहुंचीं।
Bihar Election Phase 1 Voting
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, महागठबंधन में कुछ सीटों पर “फ्रेंडली फाइट” की स्थिति बनी है, जैसे बछवाड़ा और जमुई, जहां कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। हालांकि तेजस्वी यादव के प्रबंधन और लालू यादव की रणनीति के कारण यह मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
Bihar Election Phase 1 Voting
नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भी पूरे बिहार में चर्चा रही। कई विश्लेषकों का मानना है कि भले ही उम्र और स्वास्थ्य पर सवाल उठते रहें, लेकिन नीतीश अब भी बिहार के सबसे अनुभवी और राजनीतिक रूप से सजग नेताओं में शामिल हैं। दिन के अंत में पटना सहित कई जिलों में लगभग 60% से अधिक मतदान दर्ज किया गया। अब सबकी निगाहें 11 नवंबर को होने वाली दूसरे चरण की वोटिंग और आगे के नतीजों पर टिकी हैं।


















