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Bihar Makhana Farming News: उजला सोना बना मखाना, 50125 हेक्टेयर खेती से किसानों को नई उम्मीद

बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती नई उपलब्धि बन रही है। सीतामढ़ी में 50 हेक्टेयर मखाना उत्पादन से किसानों की आय और रोजगार बढ़ रहा है।


Bihar Makhana Farming News पटना: बिहार का उत्तरी क्षेत्र अब केवल बाढ़ प्रभावित इलाके के रूप में नहीं, बल्कि ‘उजला सोना’ उगाने वाली धरती के रूप में नई पहचान बना रहा है। उजला सोना यानी मखाना, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बाढ़ और कम बारिश जैसी समस्याओं से राहत देने का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।

डबल इंजन सरकार की पहल और कृषि विभाग की सक्रियता से मखाना की खेती अब उत्तर बिहार के किसानों की पहली पसंद बन रही है। वर्ष 2026-27 में पूरे बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती का लक्ष्य तय किया गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Bihar Makhana Farming News:सीतामढ़ी में 50 हेक्टेयर में मखाना की खेती

राज्य सरकार की मुहिम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मखाना की खेती का जायजा लिया गया, जिसमें किसानों द्वारा तालाबों में उगाए गए मखाना की फसल तेजी से विकसित होती पाई गई।

मखाना विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती कर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। वहीं अकेले सीतामढ़ी जिले में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जून-जुलाई तक फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी और इस बार बेहतर उत्पादन से किसानों को अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।

बिहार का उत्तरी क्षेत्र अब केवल बाढ़ प्रभावित इलाके के रूप में नहीं, बल्कि ‘उजला सोना’ उगाने वाली धरती के रूप में नई पहचान बना रहा है। उजला सोना यानी मखाना, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बाढ़ और कम बारिश जैसी समस्याओं से राहत देने का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है।

डबल इंजन सरकार की पहल और कृषि विभाग की सक्रियता से मखाना की खेती अब उत्तर बिहार के किसानों की पहली पसंद बन रही है। वर्ष 2026-27 में पूरे बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती का लक्ष्य तय किया गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Bihar Makhana Farming News:सीतामढ़ी में 50 हेक्टेयर में मखाना की खेती

राज्य सरकार की मुहिम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मखाना की खेती का जायजा लिया गया, जिसमें किसानों द्वारा तालाबों में उगाए गए मखाना की फसल तेजी से विकसित होती पाई गई।

मखाना विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती कर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। वहीं अकेले सीतामढ़ी जिले में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जून-जुलाई तक फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी और इस बार बेहतर उत्पादन से किसानों को अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।


Key Highlights:

• बिहार में 50125 हेक्टेयर में मखाना की खेती का लक्ष्य

• सीतामढ़ी जिले में 50 हेक्टेयर में मखाना उत्पादन

• उत्तर बिहार में किसानों की पहली पसंद बन रही मखाना फॉर्मिंग

• कटाई के समय सरकार उपलब्ध कराएगी कुशल मजदूर

• मार्केटिंग और ब्रांडिंग में भी किसानों को मिल रही सहायता


Bihar Makhana Farming News:कटाई के समय कुशल मजदूर उपलब्ध कराएगी सरकार

सीतामढ़ी के जिला कृषि अधिकारी शांतनु ने मखाना की बढ़ती खेती की सराहना करते हुए कहा कि इस बार सरकार की ओर से कटाई के समय किसानों को कुशल मजदूर उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मखाना अब उत्तर बिहार में विकास का नया मॉडल बनकर उभर रहा है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में जहां पहले खेती मुश्किल मानी जाती थी, वहीं अब वही क्षेत्र किसानों के लिए स्वरोजगार और समृद्धि का माध्यम बन रहे हैं।

सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि मार्केटिंग और ब्रांडिंग में भी सहायता देकर उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

Bihar Makhana Farming News:किसानों के चेहरे पर लौटी खुशियां

मखाना की खेती ने किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया है। सीतामढ़ी की मखाना किसान मृदुला कहती हैं कि मखाना की खेती उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

उन्होंने बताया कि उत्तर बिहार में बारिश के मौसम में होने वाला जलजमाव पहले बड़ी समस्या था, लेकिन अब उसी को अवसर में बदल दिया गया है। मखाना की खेती से किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध महसूस कर रहे हैं।

वहीं किसान सुनीता ने कहा कि सरकार के सहयोग से तालाब में मखाना उगाकर उनकी चिंताएं काफी हद तक खत्म हो गई हैं। जून-जुलाई में कटाई के बाद अच्छे मुनाफे की उम्मीद है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

Bihar Makhana Farming News:उत्तर बिहार में विकास का नया मॉडल

मखाना अब केवल एक फसल नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के लिए आर्थिक परिवर्तन का प्रतीक बनता जा रहा है। यह खेती बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत बन रही है।

सरकार की योजनाएं, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और किसानों की मेहनत मिलकर बिहार को देश में मखाना उत्पादन का सबसे मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

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