Bihar Paddy Procurement, पटना: बिहार में आगामी धान अधिप्राप्ति को लेकर सहकारिता विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने पटना प्रमंडल के छह जिलों में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि धान अधिप्राप्ति के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पैक्स के साथ क्षेत्रीय पदाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी और दोषियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
1 नवंबर से शुरू होगी धान अधिप्राप्ति
सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को 1 नवंबर से शुरू होने वाली धान अधिप्राप्ति से पहले सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित की जानी चाहिए। मंत्री ने मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को नियमित रूप से खरीद केंद्रों और संबंधित स्थलों का निरीक्षण करने को भी कहा है। समीक्षा बैठक में पैक्स के माध्यम से धान खरीद के अलावा बिहार राज्य फसल सहायता योजना, गोदाम निर्माण, अन्न भंडारण योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक मित्र योजना और ‘सहकारिता में सहकार’ समेत कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।

छह जिलों में 11.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद
बैठक में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान पटना प्रमंडल के छह जिलों में हुई धान अधिप्राप्ति के आंकड़े भी सामने रखे गए। विभाग के अनुसार, छह जिलों के लिए 11.16 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले 11.14 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई, जो लक्ष्य का 99.88 प्रतिशत है। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार भोजपुर और रोहतास में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया। बक्सर में 99.99 प्रतिशत, कैमूर और पटना में 99.95 प्रतिशत तथा नालंदा में 99.17 प्रतिशत धान की अधिप्राप्ति हुई।
राज्य खाद्य निगम को चावल की शत-प्रतिशत आपूर्ति का निर्देश
अधिप्राप्त धान से तैयार चावल की आपूर्ति को लेकर भी सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। विभाग के अनुसार अब तक तैयार चावल का 98.68 प्रतिशत हिस्सा राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है। मंत्री ने शेष चावल की भी शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपूर्ति या खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोदाम निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
बैठक के दौरान बिहार राज्य फसल सहायता योजना की भी समीक्षा की गई। जिलावार क्षेत्र निरीक्षण और सत्यापन की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। भोजपुर जिले में बड़ी संख्या में क्षेत्र निरीक्षण लंबित पाए जाने पर मंत्री ने अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक स्वीकृत गोदामों के निर्माण की भी समीक्षा हुई। रोहतास और कैमूर में तीन-तीन गोदाम स्वीकृत पाए गए हैं। इनके निर्माण का काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। मंत्री ने निर्माण कार्य में तेजी लाकर इन्हें निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया।
144 बैंक मित्रों को दिए गए एमएटीएम
कॉमन सर्विस सेंटर और बैंक मित्र योजना की भी समीक्षा बैठक में जानकारी ली गई। पटना प्रमंडल के छह जिलों में कुल 1,348 पैक्स हैं। इनमें से 1,116 पैक्स की आईडी बनाई जा चुकी है, जबकि 1,024 आईडी सक्रिय हैं। 20 सितंबर 2026 तक इन पैक्स के माध्यम से 17,003 लेन-देन दर्ज किए गए, जिनकी कुल राशि करीब 33.62 करोड़ रुपये रही। बैंक मित्र योजना के तहत पटना प्रमंडल के चार जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए 230 एमएटीएम स्वीकृत हैं। इनमें से 144 एमएटीएम बैंक मित्रों को वितरित किए जा चुके हैं। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां राजनीश कुमार सिंह समेत पटना प्रमंडल और विभागीय मुख्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।

















