Bihar Udyami Yojana: बिहार में युवा अब सरकारी योजनाओं की मदद से अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत पटना की राधा कुमारी ने खाद्य व्यवसाय शुरू किया है, जबकि बेगूसराय के विराट कुमार फ्लेक्स प्रिंटिंग उद्योग स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से युवाओं को उद्योग और व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत भी युवाओं को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन देने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। कृषि, फूड टेक्नोलॉजी, जल शुद्धिकरण और तकनीक जैसे क्षेत्रों में युवा अपने विचारों को कारोबार में बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
राधा कुमारी ने शुरू किया राधा सक्षम किचन
पटना जिले की राधा कुमारी ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत राधा सक्षम किचन (Radha Saksham Kitchen) की स्थापना की है। योजना के तहत मिले दो लाख रुपये के चेक से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग मिला। राधा कुमारी के अनुसार, बिहार में सरकारी स्तर पर फूड डिलीवरी की पहल से उन्हें अपना रोजगार शुरू करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया और खाद्य व्यवसाय की शुरुआत की। हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया। राधा ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह पहल अपनी मेहनत को व्यवसाय में बदलने और भविष्य में आगे बढ़ने का अवसर है।
विराट कुमार फ्लेक्स प्रिंटिंग उद्योग लगाने की तैयारी में
बेगूसराय के विराट कुमार भी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अपना कारोबार स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वह फ्लेक्स प्रिंटिंग उद्योग शुरू करना चाहते हैं। योजना के तहत उन्हें पहली किस्त की राशि मिल चुकी है, जिससे उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी। विराट कुमार का कहना है कि आज फ्लेक्स प्रिंटिंग विज्ञापन और प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसका इस्तेमाल विभिन्न तरह के प्रचार अभियानों में किया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों योजना की पहली किस्त मिलने पर बिहार सरकार का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से 45 हजार उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार सरकार के उद्योग विभाग की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसमें पांच लाख रुपये अनुदान और शेष पांच लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में दिए जाने की व्यवस्था है। योजना के तहत एमएसएमई क्षेत्र में 45 हजार उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें विभिन्न वर्गों के लिए तय संख्या इस प्रकार है:
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति: 14,000 उद्यमी
- अति पिछड़ा वर्ग: 10,000 उद्यमी
- महिलाएं: 9,500 उद्यमी
- युवा: 9,000 उद्यमी
- अल्पसंख्यक वर्ग: 2,500 उद्यमी
सरकारी योजनाओं से रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा
राधा कुमारी और विराट कुमार की पहल बताती है कि आर्थिक सहयोग मिलने से युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने का अवसर मिल सकता है। एक ओर राधा ने खाद्य व्यवसाय की शुरुआत की है, वहीं विराट फ्लेक्स प्रिंटिंग उद्योग के जरिए अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित रखने के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। नए उद्यम स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और भविष्य में रोजगार के अवसर तैयार होने की संभावना है।


















