Jamtara Encroachment Drive: जिला प्रशासन के निर्देश पर जामताड़ा शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान अस्थायी दुकानों को हटाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, दुर्गा पूजा के दौरान कार्रवाई किए जाने से दुकानदारों में नाराजगी देखने को मिली। दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के समय अस्थायी दुकानें लगाकर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कमाई करते हैं।
पूजा के समय दुकानें हटाने पर दुकानदारों की नाराजगी
दुकानदारों के अनुसार, दुर्गा पूजा उनके लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दौरान लोग कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार पहुंचते हैं। ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए कई छोटे दुकानदार अस्थायी दुकानें लगाकर कारोबार करते हैं। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत की कार्रवाई में उनकी दुकानें तोड़ दी गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि त्योहार के समय दुकानें हटाए जाने से उनकी कमाई प्रभावित होगी।

अभियान पर पूजा तक रोक लगाने की मांग
कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने प्रशासन से दुर्गा पूजा तक इस तरह के अभियान पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे दिनभर मेहनत करके जो कमाते हैं, उसी से परिवार का खर्च चलाते हैं। दुकानदारों ने त्योहार के समय कार्रवाई को अनुचित बताते हुए प्रशासन से राहत देने की अपील की है। उनके अनुसार, पूजा के दौरान अस्थायी दुकानें उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और दुकानदारों की आजीविका के बीच चुनौती
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस बल की तैनाती की गई थी। एक ओर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर दुकानदारों ने त्योहार के समय अपनी आजीविका प्रभावित होने की चिंता जताई है। फिलहाल, दुकानदारों की मांग पर प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अब देखना होगा कि पूजा के दौरान अस्थायी दुकानों को लेकर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
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