Veer Kunwar Singh Museum Revamp: महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरगाथा और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से जगदीशपुर स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय का कायाकल्प किया जाएगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को संग्रहालय का निरीक्षण किया और इसके सौंदर्यीकरण तथा विकास को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक और पुरातात्विक सामग्रियों का अवलोकन किया. अधिकारियों से उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के जीवन, संघर्ष, शौर्य और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी ली.
बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन पर दिखाई गई लघु फिल्म
मुख्यमंत्री के समक्ष बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन और कृतित्व पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई. फिल्म के माध्यम से उनके संघर्ष, साहस और देश की आजादी के आंदोलन में योगदान को दर्शाया गया. निरीक्षण के दौरान संग्रहालय के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी मुख्यमंत्री के सामने रखा गया. प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संग्रहालय को बेहतर, आकर्षक और उपयोगी स्वरूप देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल पर्यटकों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन पर शोध करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी है. इसलिए संग्रहालय में शोधार्थियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.
शोधार्थियों के रहने और अध्ययन की सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय आने वाले शोधार्थियों के रहने, अध्ययन और अन्य जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उनका कहना था कि ऐतिहासिक स्थलों को केवल दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने के बजाय उन्हें अध्ययन और शोध के केंद्र के रूप में भी उपयोगी बनाया जाना चाहिए. उन्होंने संग्रहालय में मौजूद ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सामग्रियों को उनके मूल स्वरूप में सुरक्षित रखा जाए और उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हो. संग्रहालय परिसर में स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया. इसके तहत परिसर के वातावरण को अधिक आकर्षक और पर्यटकों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया.

सरकारी योजनाओं और विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण तथा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित विभागों की योजनाओं और आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली. इस दौरान मुख्यमंत्री ने भूमिहीन लाभार्थियों को बासगीत पर्चा भी प्रदान किया. वहीं, मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के लाभार्थियों ने पेंशन का लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया. जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया. उन्होंने महिलाओं के प्रयासों और उनके उत्पादों की सराहना की.

जिला अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या बढ़ने की जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली. स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों ने बताया कि जिला अस्पतालों से मरीजों को पहले की तुलना में अब कम संख्या में दूसरे स्थानों पर रेफर किया जा रहा है. स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, रेफरल की संख्या में कमी आने के कारण जिला अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या पहले की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी लेते हुए विभागीय कार्यों की समीक्षा की. कार्यक्रम में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री सह भोजपुर जिला प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस अवसर पर विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, राधा चरण साह और राकेश ओझा, विधान पार्षद जीवन कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा तथा मुख्यमंत्री और कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे.



















