बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी-फरवरी 2026 में 28 भ्रष्टाचार मामले दर्ज किए। 7.99 लाख रुपये जब्त, 200 केस स्पीडी ट्रायल के लिए चिन्हित।
Bihar Vigilance Action 2026 पटना: में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2026 के जनवरी और फरवरी माह में भ्रष्टाचार से जुड़े 28 मामलों में मुकदमा दर्ज किया है। यह आंकड़ा वर्ष 2024 के इसी अवधि की तुलना में 28 गुना और 2025 की तुलना में चार गुना अधिक है।
दो माह में 28 केस, 7.99 लाख रुपये जब्त
महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि इन मामलों में लोकसेवकों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप किया गया है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी कार्रवाई हुई है। जनवरी-फरवरी 2026 में दर्ज 28 मामलों में कुल 7 लाख 99 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी-फरवरी 2023 में 10, 2024 में एक और 2025 में सात मामले दर्ज किए गए थे। तीन वर्षों में शुरुआती दो महीनों में कुल 18 केस दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में अकेले दो महीनों में 28 केस दर्ज हो चुके हैं।
Key Highlights:
जनवरी-फरवरी 2026 में 28 भ्रष्टाचार मामले दर्ज।
7.99 लाख रुपये जब्त, कई लोकसेवक ट्रैप में पकड़े गए।
2024 की तुलना में 28 गुना अधिक कार्रवाई।
200 मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए चिन्हित।
2025 में 30 मामलों में सजा, 2026 में अब तक 4 दोषसिद्धि।
कार्रवाई की प्रक्रिया हुई सुगम
महानिदेशक ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए ब्यूरो पूरी तरह संकल्पित है। टीम को सशक्त किया गया है और नियमित प्रशिक्षण के कारण कार्रवाई में तेजी आयी है। करीब ढाई दशक के औसत आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष 72 मामले दर्ज होते रहे हैं, यानी प्रति माह औसतन छह केस।
वर्ष 2025 में 122 मामले दर्ज किए गए, जो औसतन 10 केस प्रति माह के बराबर है।
200 मामलों का होगा स्पीडी ट्रायल
ब्यूरो कार्यालय 24 घंटे कार्यरत है और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से अधिक सहज हो चुकी है। वर्ष 2025 में 30 मामलों में सजा सुनाई गई थी, जबकि 2026 के जनवरी-फरवरी में चार मामलों में सजा हो चुकी है।
करीब 200 मामलों को स्पीडी ट्रायल के लिए चिन्हित किया गया है। लक्ष्य है कि वर्ष की समाप्ति तक अधिकतम मामलों में दोषियों को सजा दिलाई जाए।
इस अवसर पर ब्यूरो परिसर में कैंटीन भवन के जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण का शुभारंभ भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार इससे कार्यालय के कामकाज में सहूलियत मिलेगी।
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