Bokaro DMFT Scam: बोकारो में डीएमएफटी फंड के ₹631 करोड़ में हेराफेरी के शक में आयकर विभाग ने रांची, बोकारो, हजारीबाग और सूरत के 15 ठिकानों पर सर्वे शुरू किया।
Bokaro DMFT Scam रांची: आयकर विभाग ने मंगलवार शाम बोकारो में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट फंड में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़े पैमाने पर सर्वे कार्रवाई शुरू की। रांची, हजारीबाग, बोकारो और सूरत के कुल 15 ठिकानों पर एक साथ टीमों ने जांच शुरू की है। विभाग को करीब 631 करोड़ रुपये के फंड में अनियमितता और दुरुपयोग का संदेह है।
Bokaro DMFT Scam:15 ठिकानों पर एक साथ सर्वे, देर रात तक चली जांच
बोकारो और चास में आयकर विभाग की टीम मंगलवार दोपहर बाद पहुंची। चास की प्रभात कॉलोनी में ठेकेदार सोनू मिश्रा के आवास और सेक्टर नौ की 37 स्ट्रीट स्थित मकान संख्या 978 में प्रकाश जेरॉक्स के मालिक प्रकाश कुमार के यहां सर्वे किया गया। सूत्रों के अनुसार करीब 15 अधिकारी सात वाहनों से पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई रांची आयकर विभाग की टीम कर रही है। देर रात तक दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया जारी थी। सुरक्षा के मद्देनजर जवान भी तैनात किए गए थे। ₹631 करोड़ के DMFT फंड में गड़बड़ी का शक
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान बोकारो जिले को डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत लगभग 631 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। विभाग को शिकायत मिली थी कि इस फंड का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया। आरोप है कि सरकारी कार्यालयों के रंग-रोगन और जिम निर्माण जैसे कार्यों में राशि खर्च की गई, जो डीएमएफटी के मूल उद्देश्य से अलग है।
मामले की पृष्ठभूमि 2025 में गोला थाना क्षेत्र में एक क्लर्क की गाड़ी से 51 लाख रुपये नकद बरामद होने से जुड़ी बताई जा रही है। उस घटना के बाद से फंड के उपयोग को लेकर जांच प्रक्रिया जारी थी।
Key Highlights
बोकारो में डीएमएफटी फंड मामले में आयकर विभाग का सर्वे।
रांची, बोकारो, हजारीबाग और सूरत के 15 ठिकानों पर कार्रवाई।
₹631 करोड़ के फंड में गड़बड़ी का संदेह।
सरकारी कार्यालयों और जिम निर्माण में फंड उपयोग की जांच।
देर रात तक दस्तावेजों की जांच जारी रही।
Bokaro DMFT Scam:ठेके और सप्लाई कार्यों की भी जांच
जानकारी के अनुसार सोनू मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्कूलों में बड़े पैमाने पर वॉल पेंटिंग का काम किया था, जबकि प्रकाश जेरॉक्स ने स्कूलों और सरकारी संस्थानों में सामग्री की आपूर्ति की थी। आयकर विभाग यह जांच कर रहा है कि इन ठेकों और आपूर्ति कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ और क्या अवैध तरीके से लाभ अर्जित किया गया।
सोनू मिश्रा के एक प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी से करीबी संबंध होने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विभाग की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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