रांची: दीपावली पर्व का इंतजार हर वर्ग के लोगो का होता है और जाहिर सी बात है कि दीपावली के पर्व में लोग अपने घर जाते है और अपने परिवार वालो के साथ पटाखे फोड़कर दिवाली मनाते है.लेकिन आज हम आपको एक ऐसी बात बताएंगे,जिसे सुनने के बाद आप भी चौंक जाएंगे.
दरअसल शरहद में हमारे भारतीय सेना हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते है ताकि हम सभी लोग हर पर्व धूमधाम से मना सके.लेकिन हमारे पड़ोसी मुल्क यानी पाकिस्तान की सीमा से सटे गांवों में दीपावली नहीं मनाई जाएगी न ही कोई बम फूटेगा.गौरतलब है कि कई सालों से सीजफायर की खुशी मनाने वाले सीमावर्ती दीपावली पर दीपक नहीं जला पा रहे और न ही इस बार जला पाएंगे, न ही पटाखे फोड़ सकेंगे.
दरअसल जम्मू सीमा के पांच किमी के दायरे में पटाखे बेचने और फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दी गई है और यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को लेकर है.बता दे कि 10 दिन पहले पाकिस्तानी रेंजरों ने जम्मू सीमा के कई सेक्टरों में गांवों पर गोलियां बरसायीं थी जिसका नतीजा लोगो के घर बिजली अब तक नही आ पाई.सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा कारणों से उन्हें ऐसा करने की सलाह दी गयी है. हालांकि उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होती हैं, उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत खेतों में पक्की फसलों को काटने के लिए श्रमिकों की कमी है.
अरनिया गांव के सीमावतों किसान कोशिश में लगे हुए है कि प्रवासी श्रमिकों का सहारा मिल जाए.लेकिन गोलीबारी के डर से प्रवासी श्रमिक मुंह मांगे पैसे पर भी उन खेतों में जाने को तैयार नहीं हैं.जो जीरो लाइन से सटे हुए हैं. गांववासियों को अपने सभी कामकाज छोड़ कर फसलों को समेटने की कोशिश में जुटे हुए है.
यही बात भी सामने आई है कि उस पार पाकिस्तानी सेना ने अपने किसानों को पहले ही चेतावनी देते हुए उस पार के खेतों से सभी फसलों को कटवा दिया था. इस बीच, प्रशासन ने जम्मू सीमा के पांच किमी के दायरे में दीपावली पर पटाखे बेचने या फोड़ने से मना कर दिया है.


