देव दीपावली

देव दीवाली आज, जानें इसे मनाने का कारण

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RANCHI: देव दीपावली पर करें प्रदोष काल में पूजन, जानें मुहूर्त,

दीपदान व स्नान का महत्व व इसे मनाने का कारण
दिवाली के 15 दिन बाद, कार्त्तिक पूर्णिमा

को देव दिवाली मनाई जाती है. इस दिन वाराणसी में

मां गंगा के घाटों पर लाखों दीपक शाम को जलाए जाते हैं.

हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दिवाली

का पावन पर्व मनाया जाता है. हालांकि इस साल पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण लगने के कारण देव दिवाली को एक दिन पहले मनाया जा रहा है. ऐसे में देव दीपावली इस साल 7 नवंबर 2022 को है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने व दीपदान का विशेष महत्व है.

देव दीपावली पर दीपदान का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करके दीपदान का विधान है.

मान्यता है कि देव दिवाली के दिन दीपदान करने से जीवन में

संपन्नता व सुख-समृद्धि आती है. देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

क्यों मनाई जाती है देव दिवाली

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। त्रिपुरासुर के वध की खुशी में देवताओं ने काशी में दीये जलाए थे। यही कारण है कि हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर काशी में हर दिवाली मनाई जाती है। क्योंकि ये दिवाली देवताओं ने मनाई थी, इसलिए इसे देव दिवाली कहा जाता है।

देव दीपावली 2022 शुभ मुहूर्त

प्रदोषकाल देव दीपावली मुहूर्त – शाम पांच बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 49 मिनट

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