Breaking : सीएम योगी बोले – भव्य राम मंदिर पूरा होने में अब देर नहीं, अयोध्या बनेगा दुनिया के सनातन धर्मावलंबियों का प्रेरणा केंद्र

डिजीटल डेस्क : Breakingसीएम योगी बोले – भव्य राम मंदिर पूरा होने में अब देर नहीं, अयोध्या बनेगा दुनिया के सनातन धर्मावलंबियों का प्रेरणा केंद्र। बृहस्पतिवार को अयोध्या में रामनाथ स्वामी मंदिर के भव्य कुंभाभिषेकम और जीर्णोद्धार समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सियासी तीर भी छोड़े लेकिन सबसे ज्यादा अहम जानकारी राम मंदिर को लेकर दी।

कहा कि- ‘अब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का पूरा भव्य मंदिर बनने में अब देर नहीं लगने वाली है। यह काम बहुत तीव्र गति से चल रहा है। मंदिर ट्रस्ट इस काम बहुत अच्छे से आगे बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने करकमलों से बीते 22 जनवरी को प्राणप्रतिष्ठा को संपन्न किया है।

समाज का पूरा नेतृत्व-वर्ग उस समय अयोध्या-धाम में था। अब तक 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने 5 सदी के बाद अपने धाम पर विराजमान हुए रामलला का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया है।

अयोध्याधाम पूरी एक नई गति के साथ दुनिया की सबसे आध्यात्मिक और सुंदरतम नगरी के रूप में स्थापित होकर के पूरे सनातन धर्मावलंबियों के लिए नई प्रेरणा केंद्र बनेगा’।

संघ के भैयाजी जोशी ने सीएम योगी को बताया परिवर्तन की लहर

अयोध्या में बृहस्पतिवार के इस समारोह के पार्श्व में अहम भूमिका में रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह कार्यवाह भैयाजी जोशी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देशवासियों की सोच पर खरा उतरते हुए होने वाले परिवर्तन का अगुवा व्यक्तित्व बताया।

भैयाजी जोशी ने सधे शब्दों में कहा कि – ‘देश की राजनीति में राज्यों के नेतृत्व को आज हम देखते हैं तो परिवर्तन लाने वाले महापुरुष (सीएम योगी) हमारे बीच हैं। उनसे विश्वास जगता है कि परिवर्तन आएगा।

परिवर्तन की एक लहर होती है। जब तूफान आता है तो नष्ट करता है और लहर आती है तो निर्माण करता है। आज अपने भारत में परिवर्तन की लहर प्रारंभ हुई है।

इसको आंधी या तूफान में परिवर्तित नहीं करना है बल्कि लहर के साथ चलते-चलते देश का भविष्य तय करना है। आज यहां राम और शिव रूपी आदर्श का मिलन के लिए जो कुंभाभिषेकम हुआ वह बिना उत्तर प्रदेश के सीएम के सहयोग के संभव नहीं था’।

सीएम योगी बोले – राजनीतिक संकीर्णताओं में जकड़े लोग समाज को बांट रहे

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘एक ओर हमारे संतो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद की ओर से पूरे भारत को जोड़ने का काम किया जा रहा है तो दूसरी ओर अपनी राजनीतिक संकीर्णताओँ में फंसे हुए कुछ लोगों के द्वारा जाति-मजहब के आधार पर समाज को बांटने की कुत्सित कोशिश की जा रही है।

भारत हर कालखंड में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक एक रहा है। हमारा वैदिक साहित्य इसका उदाहरण प्रस्तुत करता है। हमारे शास्त्र भी इसका उद्धरण प्रस्तुत करते हैं। भारत के संतों की परंपरा और हमारे धर्मस्थल इन बातों के प्रमाण हैं।

सरकारें भले ही अलग-अलग रही हों लेकिन हमने किसी भी कालखंड में भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता नहीं खंडित होने दी। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि भारत के संतों और ऋषियों की परंपरा ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरण के माध्यम से इसे मजबूती प्रदान की।

इसी क्रम में सीएम योगी ने आगे कहा कि – हजारों वर्ष पहले केरल से निकले एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व ने भारत के सांस्कृतिक एकता की स्थापना के लिए चार पीठों की आधारशिला रखी थी।

वैसा ही प्रयास अब तमिलनाडू से निकले संत अय्या भारत की एकात्मता के लिए कर रहे हैं। अयोध्या में रामनाथ मंदिर स्वामी की ओर से यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह एक नई प्रेरणा हो सकता है’।

बृहस्पतिवार को अयोध्या में रामनाथ स्वामी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेते सीएम योगी और आरएसएस के भैयाजी जोशी
बृहस्पतिवार को अयोध्या में रामनाथ स्वामी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेते सीएम योगी और आरएसएस के भैयाजी जोशी

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्प में अब काशी के बाद अयोध्या भी तमिलनाडु से सीधे जुड़ा

सीएम योगी ने कहा कि यूपी और तमिलनाडू का विशेष रिश्ता है। मत, संपद्राय और उपासना-विधि की विविधता के बाद भी हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के विचार को जीते हैं जिसका संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लिए दिलाया है।

अयोध्या से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से काशी में काशी-तमिल संगमम के दो महत्वपूर्ण संस्करण संपन्न हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनाथ स्वामी मंदिर के कुंभाभिषेकम और जीर्णोद्धार समारोह में कहा कि हजारों वर्ष पहले श्रीराम श्रीलंका में सीता माता की खोज के लिए निकले थे तब उन्होंने तमिलनाडु में भगवान शिव की आराधना की थी, जहां आज रामेश्वरम स्थापित है।

भगवान शिव की कृपा से सेतुबंध का भी निर्माण हुआ था। एक मान्यता और है कि भगवान जब सीता को लेकर वापस आ रहे थे तो माता सीता ने रामनाथ स्वामी मंदिर में पूजा अर्चना की थी। संपूर्ण भारत एक है, यह आध्यात्मिक परंपरा आगे बढ़ रही है। अयोध्या में रामनाथ स्वामी का मंदिर बन गया है।

मत, संप्रदाय, पंथ की उपासना विधि की अनेकता के बावजूद एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प आगे बढ़ रहा है।

अयोध्या में नवस्थापित श्री रामनाथ स्वामी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं महाकुंभाभिषेक समारोह में संत अय्या, विहिप के महामंत्री चंपत राय, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मेयर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, अमित सिंह, अवनीश अवस्थी, महंत कमल नयन दास, स्वामी रामशरण दास, स्वामी सीताराम त्यागी, महंत अवधेश दास, जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य, स्वामी भरत दास आदि मौजूद रहे।

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