Breaking : कोलकाता के RG Kar कांड पर RSS गंभीर, ऐसी घटना रोकने को 5 कामों पर फोकस

डिजीटल डेस्क : Breakingकोलकाता के RG Kar कांड पर RSS गंभीर, ऐसी घटना रोकने को 5 कामों पर फोकस। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते 8-9 अगस्त को मेडिकल छात्रा के रेप और मर्डर की घटना पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) काफी गंभीर है। केरल के पलक्कड़ शहर में RSS के तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के आखिरी दिन सोमवार को कोलकाता के RG Kar कांड पर भी चर्चा हुई।

इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए RSS ने ऐसी घटनाओँ पर अंकुश लगाने के लिए तेजी से सुनवाई किए जाने की मांग की है। RSS की ओर से ऐसे मामलों में सरकारी तंत्र की सक्रियता आदि को तेज करने पर चर्चा की।

साथ ही RSS ने अपने स्तर पर इन घटनाओं को रोकने के लिए 5 काम शुरू करने की बात की है।

RSS ने RG Kar कांड की पुनरावृत्ति रोकने को बनाई कार्ययोजना

RSS ने RG Kar कांड की पुनरावृत्ति रोकने को कार्ययोजना बनाई है। पश्चिम बंगाल की महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ जिस तरह की घटना घटी उस पर भी इस बैठक में चिंतन किया गया।

घटना को लेकर चिंता और दुख व्यक्त करने के साथ पदाधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की। बैठक में मौजूद हर कोई इस घटना को लेकर चिंतित था। RSS के सभी अनुषांगिकों ने इस पर दुख व्यक्त किया और मंथन किया कि आखिर इस तरह की घटना क्यों बढ़ती जा रही है।

राज्य सरकारों को इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। इस तरह की घटना की रोकथाम के लिए तेज गति से सुनवाई, सरकारी तंत्र की सक्रियता आदि को तेज करने पर चर्चा हुई।

कोलकाता जैसी घटना को रोकने किए 5 तरह के कार्यों को बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। पहला कि लीगल रेमेडीज और दूसरा कि लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच जागरुकता फैलाई जाए।

तीसरा कि परिवारों में संस्कार को बेहतर ढंग से दिया जाए और चौथा कि शिक्षा व्यवस्था में सेंसिटिविटी की बढ़ोतरी की जाए। पांचवां कि, महिलाओं में आत्मरक्षा की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

इसके अलावा डिजीटल, ओटीटी और वेबसाइट वगैरह पर जिस तरह के कंटेंट आ रहे हैं उससे भी इंसान की मानसिकता पर प्रतिकूल असर हो रहा है।

RSS ने पारिवारिक संस्कार और महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने को पिछले एक साल में महिला सम्मेलन सभी राज्यों और जिला मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें 472 महिला सम्मेलन हो चुके हैं। आगे से इस बात भी ध्यान देने पर फोकस रहेगा कि पश्चिमी फेमिनिज्म पर चर्चा के साथ ही भारतीय चिंतन पर भी पूरे परिदृश्य पर मनन हो।

सुनील आंबेकर
सुनील आंबेकर

RSS की दो टूक – जातिगत जनगणना का ना हो चुनावी इस्तेमाल

RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में जातीय जनगणना को लेकर संघ चिंतित है क्योंकि हमारे समाज में जातिगत जनगणना एक संवेदनशील मुद्दा है और यह राष्ट्रीय एकीकरण के लिए बेहद अहम है।

नीतिगत उद्देश्यों के लिए जातिगत जनगणना पर बात करते हुए RSS ने दो टूक कहा है कि जाति जनगणना का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए लेकिन कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए और खासतौर से दलित समुदाय की संख्या जानने के लिए सरकार उनकी संख्या की गणना कर सकती है।

जातीय जनगणना के आड़ में समाज बांटने के मुद्दे से जुड़े सवाल पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने कहा कि हम समाज की एकता और अखंडता के बारे में बेहद चिंतित हैं।

RSS इसे जन स्तर तक ले जाने की तैयारी में है और RSS का मानना है कि जातीय जनगणना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। RSS सामाजिक समरसता के तहत इसको लेकर जनजागरण अभियान चलाएगा।

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