हजारीबाग: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक राहतभरी खबर सामने आई है। अब इस अस्पताल में बर्न वार्ड की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। यह वार्ड 7 बेड की क्षमता के साथ पूरी तरह चालू हो चुका है, और मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
अब तक आगजनी या झुलसने की घटनाओं के शिकार मरीजों को रांची या बोकारो जैसे दूर के अस्पतालों में रेफर किया जाता था। लेकिन अब हल्के एवं प्राथमिक स्तर पर झुलसे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा। इससे हजारीबाग, चतरा, कोडरमा और गिरिडीह जैसे पड़ोसी जिलों के मरीजों को काफी सुविधा होगी।
मरीजों और परिजनों में खुशी
अस्पताल अधीक्षक अनुकरण पूर्ति ने बताया कि “बर्न यूनिट की सुविधा शुरू होने से आगलगी जैसी घटनाओं में झुलसे लोगों को अब फौरन प्राथमिक और उचित इलाज मिल सकेगा। यह यूनिट उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।”
वहीं, इस वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन इस नई सुविधा से बेहद खुश हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें इलाज के लिए रांची या बोकारो जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
अव्यवस्थाओं के बीच यह सकारात्मक पहल
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल अक्सर अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी को लेकर सुर्खियों में रहता है। ऐसे में इस नई पहल को एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह भी देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में इस यूनिट में इलाज की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थायित्व को कितनी प्राथमिकता दी जाती है।
शशांक शेखर की हजारीबाग से रिपोर्ट
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