रैंप निर्माण के विरोध में व्यवसायियों ने पोस्टर लगाये

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रांची: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रोजेक्ट रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण में तेजी से काम प्रगति कर रही है। इसे जनवरी 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इस कॉरिडोर के बनने के लिए एक रैंप बनाने की योजना हुई है, जिससे विवाद उठ गया है।

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रातू रोड दुर्गा मंदिर चौक पर रैंप निर्माण के विरोध में व्यवसायियों ने पोस्टर लगाये हैं, जिनमें रैंप के बनने का मतलब विकास से नहीं, विनाश से है। इसके अनुमानित प्रभाव से लगभग 230 दुकानदारों और 1500 से अधिक परिवारों को प्रभावित होने की संभावना है।

व्यवसाई प्रकाश जैन और अमर पोद्दार के अनुसार, इस कॉरिडोर में रैंप की जरूरत नहीं है। रैंप के बिना भी लोग आसानी से अपने मुकाम तक पहुंच सकते हैं। इससे कृष्ण इन होटल से लेकर चांदमल स्कूल तक की जमीन पर भी प्रभाव पड़ेगा और इससे कई वाहनों की पार्किंग भी अधिकारियों के हाथों से जाएगी। इससे नजदीकी बाजारों में व्यापारी भी प्रभावित होंगे।

जो भी हो, यह प्रोजेक्ट लोगों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है और इसका समाधान सरकारी और शहरी नेताओं के साथ समझौते द्वारा हो सकता है।

 

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