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CBSE Result 2026: Revaluation फीस में बड़ी राहत, अब 25 रुपये में दोबारा जांचेंगे उत्तर

 CBSE ने 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पुनर्मूल्यांकन फीस घटा दी है। अब स्कैन कॉपी और रीचेकिंग सस्ती होगी।


CBSE Result 2026 नई दिल्ली: Central Board of Secondary Education ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों को लेकर छात्रों की शिकायतों के बीच पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्र कम शुल्क देकर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करा सकेंगे। शिक्षा सचिव Sanjay Kumar ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए कहा कि यदि किसी छात्र के एक अंक भी बढ़ते हैं, तो उसकी पूरी पुनर्मूल्यांकन फीस वापस कर दी जाएगी।

पहले स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों को 700 रुपये देने पड़ते थे, जिसे घटाकर अब 100 रुपये कर दिया गया है। वहीं प्रति प्रश्न दोबारा जांच की फीस 100 रुपये से घटाकर सिर्फ 25 रुपये कर दी गई है।

CBSE Result 2026:OSM को लेकर छात्रों की आशंका पर बोर्ड का जवाब

सीबीएसई 12वीं के कई छात्रों का मानना था कि इस बार ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) की वजह से अंक कम आए हैं। इस पर शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि छात्रों की यह आशंका पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की मार्किंग स्कीम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि पहले शिक्षक कागजी कॉपियों पर पेन से अंक देते थे, जबकि इस बार स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखकर माउस और कीबोर्ड के जरिए अंक दर्ज किए गए। खासतौर पर मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में स्टेप मार्किंग के आधार पर अंक दिए गए हैं।


Key Highlights

  • CBSE ने पुनर्मूल्यांकन फीस में बड़ी कटौती की

  • स्कैन कॉपी फीस 700 रुपये से घटकर 100 रुपये हुई

  • प्रति प्रश्न रीचेकिंग फीस अब सिर्फ 25 रुपये

  • एक अंक बढ़ने पर पूरी फीस लौटाई जाएगी

  • OSM प्रक्रिया को लेकर बोर्ड ने छात्रों की आशंका खारिज की


CBSE Result 2026:मूल्यांकन के दौरान सामने आईं बड़ी चुनौतियां

बोर्ड के अनुसार इस वर्ष करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया, जिसके दौरान कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं।

कई छात्रों ने हल्की स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किया, जिससे स्कैनिंग के दौरान अक्षर धुंधले दिखाई दिए। इसके अलावा कई मूल्यांकन केंद्रों पर सर्वर धीमा पड़ गया। करीब 77 हजार शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जिनके लिए लंबे समय तक स्क्रीन पर कॉपी जांचना चुनौतीपूर्ण रहा।

दूरदराज इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के कारण भी मूल्यांकन प्रक्रिया की रफ्तार प्रभावित हुई।

CBSE Result 2026:विदेशों में कैसे होती है डिजिटल कॉपी जांच

सीबीएसई ने बताया कि ब्रिटेन के GCSE और कैम्ब्रिज बोर्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में छात्रों को केवल काली स्याही वाले बॉल पेन से लिखने का निर्देश दिया जाता है, ताकि स्कैनिंग पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

विदेशी बोर्डों में तकनीकी संदेह वाली कॉपियों को अलग श्रेणी में रखकर दोबारा स्कैन या मैन्युअल जांच की जाती है। वहीं अंकों में 5 प्रतिशत से ज्यादा अंतर होने पर तीसरे विशेषज्ञ से कॉपी जांच कराई जाती है।

इसके अलावा परीक्षकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हर दो घंटे में अनिवार्य ब्रेक का प्रावधान भी रखा जाता है।

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