रांची में Chain Snatching Attempt, पीड़िता का दावा गोली चली, पुलिस बोली डमी पिस्टल थी

 रांची के बरियातू में चेन स्नैचिंग की कोशिश के दौरान महिला अपराधियों से भिड़ी। पीड़िता ने गोली चलने का आरोप लगाया, पुलिस ने डमी पिस्टल बताया।


Chain Snatching Attempt रांची: रांची के रांची स्थित बरियातू हाउसिंग कॉलोनी चौक पर शनिवार दोपहर करीब 2 बजकर 8 मिनट पर चेन स्नैचिंग की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बाइक सवार दो अपराधियों ने महिला से चेन छीनने की कोशिश की, लेकिन महिला ने साहस दिखाते हुए अकेले ही अपराधियों का सामना किया। घटना के दौरान गोली चलने का भी आरोप सामने आया है, हालांकि पुलिस ने इसे डमी हथियार बताया है।

Chain Snatching Attempt : महिला की बहादुरी, अपराधियों से अकेले भिड़ीं

पीड़िता जस्सी सलूजा, जो गिरिडीह की रहने वाली हैं, इन दिनों बरियातू कॉलोनी में अपनी ननद के घर आई हुई थीं। वह अपने पति के साथ पैदल खरीदारी कर लौट रही थीं, तभी चौक पर पहले से मौजूद बाइक सवार अपराधियों ने उनकी चेन झपट ली।

जस्सी ने पीछे बैठे अपराधी को पकड़ लिया, जिससे दोनों बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। इस दौरान वह खुद भी गिर गईं, लेकिन चेन बचाने में सफल रहीं। छीना-झपटी में उनके हाथ और दोनों घुटनों में चोट आई और कपड़े भी फट गए।


Key Highlights

  1. बरियातू हाउसिंग कॉलोनी चौक पर दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग की कोशिश।

  2. महिला ने साहस दिखाते हुए अपराधियों से अकेले मुकाबला किया।

  3. पीड़िता ने दो राउंड फायरिंग का आरोप लगाया।

  4. पुलिस ने डमी पिस्टल और रबर बुलेट होने की बात कही।

  5. प्रत्यक्षदर्शियों की निष्क्रियता और शिकायत को लेकर पुलिस के बयान में विरोधाभास।


Chain Snatching Attempt : गोली चलने का आरोप, पुलिस ने बताया डमी हथियार

पीड़िता का दावा है कि जब वह एक अपराधी को पकड़कर दौड़ रही थीं, तब उसने पिस्टल निकालकर उन्हें डराने के लिए दो राउंड फायरिंग की। इसी बीच दूसरा अपराधी बाइक उठाकर साथी को लेकर फरार हो गया।

हालांकि, बरियातू थाने के थानेदार मनोज कुमार ने गोली चलने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि अपराधियों के पास डमी पिस्टल थी, जिसमें रबर बुलेट लगी थी। पुलिस के अनुसार घटना में वास्तविक गोलीबारी नहीं हुई।

Chain Snatching Attempt : प्रत्यक्षदर्शियों की चुप्पी और पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल

जस्सी सलूजा ने बताया कि घटना के समय वहां कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। उनका कहना है कि अगर लोग आगे आते तो अपराधी पकड़े जा सकते थे। इधर, थानेदार मनोज कुमार ने कहा कि पीड़िता की ओर से अब तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और उन्हें पीड़िता की पहचान की भी जानकारी नहीं है। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया और संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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