3.5 करोड़ ग्राहकों वाला बिहार का सबसे बड़ा बैंक, चेयरमैन ने बताई भविष्य की दिशा

पटना : बिहार में बैंकिंग सेक्टर में एक नई तस्वीर उभर रही है। दो अगस्त 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद बिहार ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष (चेयरमैन) डॉ. आशुतोष कुमार झा ने बैंक की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की।

बिहार का सबसे बड़ा बैंक

बिहार ग्रामीण बैंक आज 2104 शाखाओं, 6500 बीसी सेंटर और 3.5 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ बिहार का सबसे बड़ा बैंक बन चुका है। कुल 78 हजार करोड़ रुपए के व्यवसाय के साथ यह राज्य का तीसरा सबसे बड़ा बैंक है। बैंक की पहुंच बिहार के 38 जिलों के हर गांव और हर कस्बे तक है।

कृषि क्षेत्र में सबसे बड़ी भूमिका

राज्य में 76 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक ने कृषि ऋण में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। केसीसी ऋण वितरण में बैंक सभी बैंकों से आगे है। कुल 15.49 लाख किसानों को केसीसी की सुविधा दी जा चुकी है। सरकारी रोजगार योजनाओं में बैंक के प्रदर्शन ने भी बाजार में अलग पहचान बनाई है। इन योजनाओं में बैंक का योगदान एसबीआई और पीएनबी से बेहतर दर्ज किया गया है।

SBI – 2.70 हजार करोड़ रुपए

PNB – 1.61 हजार करोड़ रुपए

बिहार ग्रामीण बैंक – 14.15 हजार करोड़ रुपए

PMEGP व PMFME जैसी योजनाओं में अव्वल

PMEGP उपलब्धि – 192.85 फीसदी

PMFME उपलब्धि – 133.41 फीसदी

रिटेल और MSME लोन में तेजी

प्रतिस्पर्धी बाजार को देखते हुए बैंक क्षेत्र-आधारित विशेष ऋण उत्पाद लॉन्च कर रहा है। डिजिटल लोन प्रोसेसिंग सिस्टम भी जल्द लॉन्च होने वाला है। ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में बैंक की बड़ी भूमिका है। बैंक तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रांजिशन कर रहा है।

ग्रामीण आवास के लिए विशेष होम लोन

छोटे व्यवसाय और कारीगरों के लिए कस्टमाइज्ड उत्पाद

होम और कार लोन अब रेपो-लिंक्ड रेट पर

बैंक अब 10 हजार से 10 करोड़ तक के रिटेल/MSME ऋण स्वीकृत करने में सक्षम

वित्तीय समावेशन में बड़ी उपलब्धि

67 लाख लोग – PMSSBY

22 लाख लोग – PMJJBY

हर साल 1000 से अधिक FI कैंप

डिजिटल बैंकिंग की ओर कदम

सभी शाखाएं अब CBS आधारित

मोबाइल बैंकिंग, UPI व कांटैक्टलेस कार्ड सक्रिय

VKYC और इंटरनेट बैंकिंग जल्द शुरू होने वाली सेवाएं

7800 कर्मचारियों के लिए लगातार प्रशिक्षण

बैंक ने इनबिल्ट Capacity Building Centre बनाया है, जहां एक बार में 100 कर्मचारी प्रशिक्षण ले सकते हैं। लक्ष्य है कि 180 दिनों में प्रत्येक कर्मचारी का एक प्रशिक्षण चक्र पूरा हो। बैंक ने फंक्शनल कमेटियों के जरिए इन चुनौतियों को समय पर हल किया और आज मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध हैं।

2 ग्रामीण बैंकों के विलय के बाद

अलग कार्य संस्कृति

बड़ी ग्राहक संख्या

सिस्टम इंटीग्रेशन सबसे बड़ी चुनौतियां थी

नई सेवाएं

मोबाइल बैंकिंग

UPI

कांटैक्टलेस डेबिट कार्ड

VKYC

इंटरनेट बैंकिंग

पदभार लेने के बाद चेयरमैन डॉ. आशुतोष कुमार झा ने लक्ष्य बताया है। उन्होंने कहा कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ को तेज करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, ग्राहक अनुभव सुधारना और सरकारी योजनाओं में अग्रणी स्थान बनाए रखना।

यह भी पढ़े : बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन, पटना में गरज रहा ‘पीला पंजा’, मचा हड़कंप

स्नेहा राय की रिपोर्ट

Saffrn

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