सुविधाओं के मामले में गांव और शहर के बीच अंतर को कर रहे कम: चम्पाई सोरेन

सुविधाओं के मामले में गांव और शहर के बीच अंतर को कर रहे कम: चम्पाई सोरेन

रांची: इस राज्य में हर किसी को सम्मान मिलेगा। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी के साथ न्याय होगा। राज्य की जनता को पूरे मान-सम्मान के साथ  हक-अधिकार देंगे।

सुविधाओं के मामले में गांव और शहर के बीच अंतर को कर रहे कम: चम्पाई सोरेन
इस राज्य में हर किसी को सम्मान मिलेगा। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी के साथ न्याय होगा। राज्य की जनता को पूरे मान-सम्मान के साथ हक-अधिकार देंगे

यह हमारी सरकार का संकल्प है और पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं । मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन आज गढ़वा में आयोजित पलामू प्रमंडल स्तरीय अबुआ आवास योजना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उन्होंने इस योजना के तहत चयनित कुछ लाभुकों को सांकेतिक रूप से आवास का स्वीकृति पत्र एवं उनके बैंक  खाते में डीबीटी के माध्यम से पहली किस्त की राशि  हस्तांतरित की।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी गरीब और जरूरतमंद बिना मकान के नहीं रहेगा । किसी भी व्यक्ति का कच्चा और जर्जर घर नहीं होगा। सभी का अपना  आशियाना होगा। राज्य सरकार अपने बलबूते 20 लाख लोगों को  तीन कमरे का पक्का मकान देगी और इसका आगाज हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी ने पिछले 4 वर्षों के अपने कार्यकाल में जिस तरह विकास के कार्य किए हैं।

विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग और तबके को सशक्त बनाने का काम किया, वह अभी नहीं थमेगा । हमारी सरकार हेमन्त सोरेन द्वारा खीची  गई विकास की लकीर को और लंबा करेगी। हम इस राज्य की तस्वीर और तकदीर को बदलेंगे।

इस राज्य में कोई भी व्यक्ति रोटी, कपड़ा और मकान से वंचित नहीं रहेगा । यहां की जनता ने जिन उम्मीदों और आकांक्षाओं से हमारी सरकार बनाई है, उसे हर हाल में पूरा करेंगे।

हमारी सरकार लगभग 20 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड जारी कर मुफ्त अनाज दे रही है ।वहीं, गरीबों को हर वर्ष साल में दो बार धोती- साड़ी और लूंगी उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब अबुआ आवास योजना के माध्यम से 20 लाख आवास विहीन गरीबों और जरूरतमंदों को मकान भी देने का काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांव से चल रही है। हमारा प्रयास है कि सुविधाओं के मामले में गांव और शहर के बीच का जो अंतर है, उसे कम कर सके।

इस दिशा में गांव और ग्रामीणों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। ये योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं हो, हकीकत में धरातल पर नजर आएं, इसके लिए अधिकारियों का दल लोगों के घरों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के साथ उन्हें  कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांव के बच्चों को अपने  पंचायत में क्वालिटी एजुकेशन मिलेगा। इसके लिए पंचायतों में स्थित विद्यालयों को अपग्रेड किया जा रहा है।

यहां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ पठन- पाठन से संबंधित सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब गांव के बच्चे भी  पढ़ाई के मामले में निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों से कम नहीं होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अभी लगभग 21 लाख बिजली उपभोक्ता हर महीने 100 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं । अब हमारी सरकार ने बिजली सब्सिडी को 100 यूनिट से बढ़ाकर 125 यूनिट करने का निर्णय लिया है, जिसका सीधा फायदा 31 लाख बिजली उपभोक्ताओं को होगा । इसके साथ सभी वंचित टोलों में भी जल्द बिजली पहुंचा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ग्रामीण बहुल प्रदेश है। यहां के ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर है। ऐसे में किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।

इसी कड़ी में खेतों में सालों भर पानी रहे, इसके लिए सिंचाई परियोजनाओं का काम तेज गति से चल रहा है । अगर किसान अपने खेतों में सालों भर कृषि कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर उनका आय बढ़ेगा और उनका पूरा परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों – मूलवासियों के साथ दलित और पिछड़ों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है ।

यहां की कंपनियों और संस्थानों में 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीय युवाओं को देने का कानून हमारी सरकार ने बनाया है । यहां के विद्यार्थियों की पढ़ाई पैसे के अभाव में बाधित नहीं हो, इसके लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और गुरु जी क्रेडिट कार्ड जैसी कई योजनाएं चल रही हैं। यहां के बच्चे अब विदेश में भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और उसका सारा खर्च सरकार वहन कर रही है।

 

 

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