Chhattisgarh Liquor Scam: एसीबी का बड़ा छापा, Welcome Distillery Director Rajendra Jaiswal गिरफ्तार, रांची लाया गया

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में एसीबी ने Welcome Distillery के डायरेक्टर राजेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार कर रांची लाया। तीन अन्य आरोपियों से पूछताछ पूरी हुई।


Chhattisgarh Liquor Scam:  छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की जांच में एक बार फिर एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। मेसर्स वेलकम डिस्टिलरी के डायरेक्टर राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू को एसीबी ने बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजेंद्र जायसवाल आशमा सिटी डीलक्स होम, फेज-01, सकरी बिलासपुर के बंगला नंबर 287 में रहते हैं। एसीबी की टीम 13 नवंबर को ही वहां पहुंच गई थी और शुक्रवार को कार्रवाई को अंजाम देते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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Chhattisgarh Liquor Scam:

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया। रांची पहुंचने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। एसीबी ने संकेत दिया है कि आगे की जांच के लिए आरोपी को रिमांड पर लिया जा सकता है, ताकि सप्लाई चेन, बैंक गारंटी और सिंडिकेट की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की जा सके।


Key Highlights:

  • एसीबी ने Welcome Distillery के डायरेक्टर राजेंद्र जायसवाल को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया।

  • आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाकर कोर्ट में पेश किया गया।

  • पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

  • जांच में आरोपी पर घटिया देसी शराब सप्लाई करने के आरोप।

  • विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेस एंड कंसलटेंट कंपनी के तीन निदेशकों से पूछताछ पूरी।

  • फर्जी बैंक गारंटी और सिंडिकेट की भूमिका पर महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए।


Chhattisgarh Liquor Scam: घटिया देसी शराब की आपूर्ति का आरोप

जांच में अब यह साफ संकेत मिल रहा है कि आरोपी राजेंद्र जायसवाल की कंपनी ने कथित रूप से घटिया और मानकों के विरुद्ध देसी शराब की सप्लाई की थी। इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा, बल्कि राज्य के लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया गया। घोटाले की गहराई का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसीबी लगातार कई राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है।

Chhattisgarh Liquor Scam:  तीन अन्य आरोपियों से पूछताछ पूरी

इस घोटाले में मैन पावर सप्लाई करने वाली मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेस एंड कंसलटेंट कंपनी की भूमिका भी सामने आई है। कंपनी के तीन निदेशकों – परेश अभयसिंह ठाकोर, विक्रमसिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे – से एसीबी ने पूछताछ पूरी कर ली है। ये तीनों आरोपी पिछले 13 अक्टूबर को अहमदाबाद की ब्रिज सोसाइटी के पास सन स्काई पार्क इलाके से गिरफ्तार किए गए थे।

Chhattisgarh Liquor Scam:

एसीबी ने बुधवार को न्यायालय की अनुमति लेकर उन्हें रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान एजेंसी ने यह जानने की कोशिश की कि फर्जी बैंक गारंटी कैसे तैयार की गई, किसने सहयोग किया, शराब सप्लाई का काम किन अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की मदद से हासिल किया गया और जब मामला खुलने लगा, तब किन प्रभावशाली लोगों ने बचाव करने की कोशिश की।

Chhattisgarh Liquor Scam:

एसीबी यह भी जांच कर रही है कि कथित सिंडिकेट में कौन लोग शामिल थे और पूरा ऑपरेशन किसके निर्देश पर चलता था। तीनों अधिकारियों से पूछताछ के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में और नाम सामने आने की संभावना है। एसीबी कई राज्यों में फैले नेटवर्क को खंगाल रही है और जल्द ही नई गिरफ्तारियों या खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

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