मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार : EVM में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं

डिजिटल डेस्क ।  मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार : EVM में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सियासी दलों के संशय, आरोप-प्रत्यारोप आदि तमाम प्रसंगों पर खुल कर जवाब देते हुए EVM संबंधी अंदेशाओं को सिरे से खारिज कर दिया।

राजीव कुमार ने कहा कि – ‘EVM में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। EVM में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है।

…हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? EVM मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते’।

सायं 5 बजे के बाद वोट प्रतिशत कैसे बढ़ता है ?…जानिए जवाब…

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि – ‘हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9.30 बजे, 11:30, दोपहर 1.30, 3.30 और शाम 5.30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है।

…जब शाम 7.30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि 6 बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। चुनाव से पहले EVM में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है।

…जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं’।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बोले – आज तो हर सवाल का जवाब बनता है…

इसी क्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आगे कहा कि – ‘…लोकतंत्र में सवाल करना जरूरी है लेकिन उन सवालों का जवाब भी जरूरी है। …सब सवाल अहमियत रखते हैं, जवाब तो बनता है, आदतन कलमबंद जवाब देते रहें, आज रूबरू भी बनता है, क्या पता हम कल हो ना हों, आज जवाब बनता है। 

साल 2020 के बाद से कुल 30 राज्यों में चुनाव हुए हैं।  15 राज्यों में विभिन्न दल बड़े दल बन कर उभरे हैं, ये लोकतंत्र की सुंदरता है। ये निष्पक्ष चुनाव की पहचान हैं। इससे साफ समझ आता है कि मतदाता कितने समझदार हैं। नतीजे के आधार पर प्रक्रिया को नहीं समझा जा सकता।  मतदान की शुरुआती प्रक्रिया से लेकर नतीजे तक पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का आरोप महज संदेह है। 

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार

अब चुनाव में अक्सर ये सवाल उठाया जा रहा है। वोटर टर्न आउट पर भी सवाल उठ रहे हैं। वोटर्स में मिस मैच हो गया, पहले तो ये कहा गया। यहां तक कि गिनती में ज्यादा-कमी दिखाई गई और काउंटिंग स्लो कर दिया गया, ये भी सवाल उठाया गया।

…इन सबका आज स्पष्टीकरण जरूरी है। देश भर में करीब 10.5 लाख बूथ हैं।  हर बूथ पर 4 से 5 पोलिंग ऑफिसर्स होते हैं। अगर इनको जोड़ें तो करीब 45-50 लाख लोग हो जाते हैं। ये सभी लोग उसी राज्य के होते हैं, वहीं के होते हैं और अलग-अलग स्किल के होते हैं।

…जिस तरह के सवाल उठाये जा रहे हैं उससे लगता है इतने सारे लोग कोई गड़बड़ी करने के लिए वहां बैठे होते हैं  लेकिन ऐसा संभव नहीं।  वहां सभी दलों के प्रतिनिधि होते हैं’। 

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की ब्रीफिंग एकनजर में…

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि – ‘दिल्ली में इस समय 1.55 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड वोटर्स हैं।  इनमें से 83.49 लाख पुरुष औऱ 71.74 लाख महिला वोटर्स हैं। युवा वोटर्स (20 से 21 वर्ष के) की संख्या 28.89 लाख हैं। पहली बार वोटिंग के पात्र युवा वोटर्स की संख्या 2.08 लाख है। राजधानी दिल्ली के 2,697 स्थानों पर कुल 13,033 पोलिंग बूथ होंगे और इनमें से 210 मॉडल पोलिंग सेंटर होंगे।  

…दिल्ली में एक महीने में 29 अक्टूबर से 28 नवंबर तक 1,35,089 मतदाताओं ने फॉर्म-6 और 83,825 ने फॉर्म-8 के तहत मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने, पता बदलने, नाम को सूची से हटाने और आपत्तियां और सुझाव के लिए आवेदन किया। चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों ने सभी आवेदनों को 24 दिसंबर तक सुलझा दिया।

सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो

…इस तरह से अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक 3,08,942 नए नाम मतदाता सूचियों में जुड़े। 1,41,613 नाम हटाए गए। इस दौरान कुल 1,67,329 मतदाता नए जुड़े। बीते 16 दिसंबर से एक माह में 5.10 लाख नए लोगों ने अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। ऐसा पहली बार हुआ।

…ऐसा तब हुआ, जबकि तय समय में तीन लाख से ज्यादा मतदाता नई सूची में जुड़ चुके थे क्योंकि ऐसा 20 दिन के भीतर हो रहा था, जब आपत्तियां, जांच का समय गुजर चुका था। यह तत्काल जांच का विषय था। सभी चुनाव पंजीकरण अधिकारियों- ईआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया। हर आवेदन को जांचा गया। संबंधित अधिकारियों को सौ फीसदी सत्यापन के लिए कहा गया है’।

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