CM नीतीश ने बापू टावर का किया उद्घाटन, गांधीजी के जीवन की झांकियों से सजी ऐतिहासिक धरोहर

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ने आज गर्दनीबाग में नवनिर्मित बापू टावर का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने बापू टावर के भूतल, तीसरा तल एवं पांचवें तल पर जाकर विभिन्न दीर्घाओं में प्रदर्शों का अवलोकन किया। लोकार्पण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने भूतल तल पर ही बनाये गये ओरियेंटेशन हॉल में टर्न टेबल थियेटर शो (रोटेटिंग पर्दे) का भी जायजा लिया और ओरियेंटेशन हॉल में बैठकर बापू की जीवनी, उनके आदर्शों एवं कार्यों तथा बिहार की गौरव गाथा पर आधारित फिल्म का अवलोकन किया।

नवनिर्मित बापू टावर के विभिन्न तलों एवं निर्मित 5 रैम्पों के निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को गांधी जी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से प्रदर्शों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान प्रेक्षागृह, प्रतीक्षा कक्ष, लाउंज, बापू के आदर्शों को आमजन में स्थापित करने हेतु कार्यों के प्रदर्शन के लिये दीर्घा, अनुसंधान केन्द्र, आगंतुक सुविधाएं एवं अन्य संरचनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने बापू टावर के प्रदर्शों का अवलोकन करते हुये कहा कि बापू टावर बहुत ही भव्य बना है, यह लोगों के लिये दर्शनीय होगा। बापू टावर में आकर बापू की जीवनी, उनके विचारों और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी जान सकेगी। यहां बापू के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनायें, गांधी जी के विचार, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका, बिहार से उनके लगाव तथा बापू के आदर्शों को बेहतर ढंग से रेखांकित कर प्रदर्शित किया गया है ताकि आमजन यहां आकर उसे देख और समझ सकें। इस परिसर को हरा-भरा और व्यवस्थित बनाया गया है।

इसके पश्चात् बापू टावर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘बापू टावर’ बेवसाइट का लोकार्पण किया। इसके माध्यम से बापू टावर के बारे में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने ‘बापू टावर के लोकार्पण’ से संबंधित प्रति का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने बापू टावर के निर्माण कार्य से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बापू टावर पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। अहमदाबाद से आए विजय चारू एवं उनके सहयोगी ने बापू के प्रिय गीत ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये जो पीड़ पराई जाने रे’ भजन की प्रस्तुति दी।

मुख्यमंत्री ने बापू टावर परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम की शुरूआत में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सह भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आयुक्त, पटना प्रमंडल मयंक बरबड़े, जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा, नगर आयुक्त अनिमेष परासर सहित भवन निर्माण विभाग के अन्य वरीय अधिकारी एवं अभियंतागण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा 10 अप्रैल 2017 से 20 अप्रैल 2018 तक चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह आयोजित किया गया था। इस अवसर पर पटना के ज्ञान भवन में दिनांक 10 एवं 11 अप्रैल 2017 को राष्ट्रीय विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना में संग्रहालय के स्वरूप में बापू टावर के निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बापू टावर में गांधीजी के विचार प्रदर्शित होंगे और लोग घूम-घूमकर बापू के बारे में विस्तार पूर्वक जान सकेंगे। उन्होंने कहा था कि पूरी योजना पर काम चल रहा है और यह अद्वितीय होगा। इसे देखने के लिए देश भर के लोग आएंगे।

मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप भवन निर्माण विभाग द्वारा गर्दनीबाग पटना में कुल 7 एकड़ भूमि पर बापू टावर भवन के लिए कुल 84.49 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति वर्ष 2018 में दी गई। मुख्यमंत्री द्वारा बापू की 150वीं जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर 2018 को बापू टावर भवन का शिलान्यास किया गया, जिसका आज लोकार्पण किया गया। बापू टावर जी प्लस सिक्स बनाया गया है, जिसके दो भाग हैं- आयताकार भवन एवं शंकुकार भवन। आयताकार भवन में तीन प्रदर्श गैलरी, प्रेक्षागृह, अस्थायी प्रदर्शनी दीर्घा, कार्यालय कक्ष, प्रतीक्षालय, म्यूजियम शॉप एवं जलपान गृह अवस्थित है। आयताकार भवन के प्रथम गैलरी में महात्मा गांधी के आरंभिक जीवन से लंदन एवं दक्षिण अफ्रीका प्रवास तथा भारत आगमन की कहानी वर्णित की गई है।

द्वितीय गैलरी में गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके द्वारा निभाए गए नेतृत्व की गाथा है। तृतीय गैलरी में मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 10 अप्रैल 2017 को प्रारंभ हुए चम्पारण शताब्दी समारोह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी संकलित की गई है। इस गैलरी में विभिन्न कार्यक्रमों यथा गांधी दर्शन पर राष्ट्रीय विमर्श, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान, बापू आपके द्वार, हेरिटेज वॉक, बापू की वर्णमाला, गांधी कथावाचन, मोहन से महात्मा (पपेट शो) आदि को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसके साथ-साथ बिहार राज्य में बापू के विचारों के आधार पर प्रारंभ की गई योजनाएं/अभियान यथा पूर्ण नशाबंदी, बाल विवाह निषेध, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बालिकाओं की शिक्षा से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गयी है। साथ ही शिक्षा विभाग के द्वारा सभी विद्यालयों में वाचन हेतु तैयार किताब ‘बापू की पाती’ एवं ‘मोहन से महात्मा’ को भी डिजीटल रूप में बच्चों की सुलभ जानकारी हेतु प्रदर्शित किया गया है।

मुख्यमंत्री की गांधी की चम्पारण यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण की जानकारी भी नक्शे के माध्यम से दिखायी गयी है। बापू की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित गांधी विचार समागम की जानकारी भी प्रदर्शित की गयी है। बापू के विचारों से प्रभावित राज्य के कार्यक्रम यथा जीविका स्वावलंबन से स्वाभिमान, सशक्त नारी सशक्त बिहार, पर्यावरण के लिए प्रतिबद्धता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। वर्ष 2017 में शराबबंदी हेतु, वर्ष 2018 में बाल विवाह पर रोक एवं दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु तथा वर्ष 2020 में जल-जीवन-हरियाली हेतु आयोजित मानव श्रृंखला से संबंधित जानकारियों एवं चित्रों को भी इस दीर्घा में प्रदर्शित किया गया है। 102 फीट ऊंचे शंकुकार भवन बापू टावर को आकर्षक और भव्य बनाता है। इसमें लगातार क्रम में निर्मित 5 रैम्प हैं, जिस पर गांधी जी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्ट आदि के माध्यम से प्रदर्शित की गयी है।

वहीं शंकुकार भवन के बाहरी सतह पर गांधीजी के आकृति का निर्माण किया गया है। प्रथम रैम्प (पांचवां तल से चौथा तल) चम्पारण सत्याग्रह की गाथा दर्शायी गई है। इस रैम्प पर महात्मा गांधी के बिहार आगमन एवं द्वितीय रैम्प (चौथा तल से तृतीय तल) इस रैम्प पर द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसका भारतवर्ष पर प्रभाव, भारत छोडो आंदोलन में बिहार की भागीदारी की जानकारी दी गयी है। तृतीय रैम्प (तृतीय तल से द्वितीय तल) इस रैम्प पर गांधी-जिन्ना वार्ता, शिमला सम्मेलन, 1946 के चुनाव, कलकत्ता दंगे, गांधीजी की नोआखली यात्रा, बिहार में दंगे के दौरान गांधीजी के कार्य को दर्शाया गया है। चतुर्थ रैम्प (द्वितीय तल से प्रथम तल) इस रैम्प पर बिहार में गांधीजी, प्रार्थना सभा में गांधीजी, माउण्टबेटन के साथ गांधीजी की मुलाकात, गांधीजी की कश्मीर यात्रा, देश विभाजन हेतु बातचीत, गांधीजी की कलकत्ता यात्रा, गांधीजी के उद्धरण को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्श लगाए गए हैं। पंचम रैम्प (प्रथम तल से भूतल) इस रैम्प पर गांधीजी एक प्रेरणा श्रोत, गांधीजी-एक व्यक्तित्व, गांधीजी के आदर्शों पर आधारित शपथ हेतु प्रदर्श अधिष्ठापित किए गए हैं।

बापू टावर के लगभग 50,000 वर्गफीट की बाहरी सतह पर 40 टन तांबे का आकर्षक आवरण किया गया है जो वर्तमान समय में इस प्रकार का देशभर में पहला भवन है। ताँबे का उपयोग इसके टिकाऊपन, निरंतरता एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए किया गया है जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संबंध में गांधीजी के सिद्धांत को बल प्रदान करता है। समय के साथ बापू टावर के बाहरी आवरण में लगे ताँबे का रंग वातावरण के साथ संपर्क में आकर पहले भूरा/काला रंग तथा लंबे समय के बाद यह रंग पेटिना के रूप में बदल जायेगा जो इसको और भी सुंदर करने के साथ-साथ सुरक्षात्मक कोटिंग का भी काम करेगा।

बापू टावर की अवधारणा से आगंतुकों को परिचित कराने हेतु भूतल पर 60 लोगों की क्षमता का एक ओरिएन्टेशन हॉल का निर्माण किया गया है। इस हॉल में में ‘टर्न टेबल थिएटर शो’ (घूमने वाले पर्दे) की भी व्यवस्था की गई है। इस हॉल में लगी कुर्सियों पर बैठकर दर्शक बापू टावर के बारे में बने फिल्म का अवलोकन कर पाएंगे। बापू टावर के आयताकार भवन की बाहरी सहत पर सात सामाजिक पापकर्मों को बड़े-बड़े अक्षरों में मजबूती से अधिष्ठापित किया गया है जो आगन्तुकों को दूर से ही दिख सकेगा। इस भवन में 100 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। आगंतुकों को सबसे ऊपरी तल पर ले जाने के लिए 20 व्यक्तियों की क्षमता वाले तीन आधुनिक लिफ्ट का भी अधिष्ठापन किया गया है। इसके साथ-साथ प्रत्येक तल पर पुरूष, महिला एवं दिव्यांग शौचालय की भी सुविधा प्रदान की गई है। परिसर के बाहरी हिस्से में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण भी किया गया है तथा भवन की आकर्षक लाईटिंग भी की गई है।

बापू टावर के निर्माण प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं दिनांक 27.09.2023, 04.02.2024, 23.06.2024 एवं 24.09.2024 को बापू टावर का स्थल निरीक्षण किया गया तथा इसके निर्माण कार्य के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिये गए। मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के आलोक मे पूरे परिसर में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दर्शकों की सुविधा हेतु परिसर के बगल में लगभग 5000 वर्गफीट भूमि चिन्हित की गई है जहाँ दर्शक परिसर में प्रवेश के पूर्व शेड में प्रतीक्षा कर सकेंगे। उक्त भूमि में जन सुविधा हेतु टॉयलेट, टिकट काउन्टर, कुर्सी आदि की व्यवस्था हेतु भवन निर्माण विभाग के द्वारा कार्य योजना बनाई जा रही है। एक अक्टूबर 2024 को राज्य कैबिनेट द्वारा बापू टावर समिति के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस समिति के माध्यम से बापू टावर का मेन्टेनेन्स एवं संचालन भवन निर्माण विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। इस समिति के शासी निकाय के अध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे तथा कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष सचिव, भवन निर्माण विभाग होंगे। बापू टावर के दैनिक संचालन हेतु निदेशक की नियुक्ति की जाएगी जो भारतीय प्रशासनिक सेवा या बिहार प्रशासनिक सेवा के जानकार वरीय अधिकारी होंगे।

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विवेक रंजन की रिपोर्ट

Saffrn

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