Sasaram Bypass: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को रोहतास जिले के सासाराम में 122.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 2-लेन सासाराम बाईपास पथ का लोकार्पण किया। बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बांध पर आरओबी और पुल सहित बनाए गए इस बाईपास के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर बाईपास को जनता को समर्पित किया। सरकार के अनुसार, इससे लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
122.39 करोड़ की लागत से बना सासाराम बाईपास
सासाराम बाईपास का निर्माण बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बांध पर किया गया है। इसमें आरओबी और पुल का निर्माण भी शामिल है। 2-लेन बाईपास के निर्माण पर कुल 122.39 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बाईपास के लोकार्पण के बाद सासाराम शहर के भीतर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे शहर से गुजरने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की बात कही गयी है।
कायाकल्प अभियान के तहत पोखर का किया निरीक्षण
लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सासाराम बाईपास के पास कायाकल्प अभियान के तहत जीर्णोद्धार किए गए पोखर का निरीक्षण किया। उन्होंने पोखर के जीर्णोद्धार, साफ-सफाई और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलस्रोतों के बेहतर रखरखाव के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने जलस्रोतों की नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।

‘रोहतास जल संजीवनी’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर कायाकल्प अभियान के तहत ‘रोहतास जल संजीवनी’ की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य जिले के तालाबों, पोखरों, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों का जीर्णोद्धार, साफ-सफाई और नियमित रखरखाव करना है। अभियान के जरिए वर्षा जल के अधिक से अधिक संग्रहण और संरक्षण पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रोहतास के पारंपरिक और महत्वपूर्ण जलस्रोतों को दोबारा उपयोगी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अतिक्रमण और प्रदूषण से जलस्रोतों को मुक्त रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के जलस्रोतों की नियमित सफाई और देखरेख सुनिश्चित की जाए। तालाबों, पोखरों और जलाशयों को अतिक्रमण एवं प्रदूषण से मुक्त रखने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने जलस्रोतों के संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, जलस्रोतों को संरक्षित और पुनर्जीवित करके वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री सह रोहतास के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी, उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, विधायक वशिष्ठ सिंह, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश, जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री राज समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।



















