Ranchi University PhD Admission: रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन की प्रक्रिया जारी है। नामांकन के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 22, 23 और 24 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इंटरव्यू सुबह 11 बजे से होगा। किस दिन किस अभ्यर्थी को इंटरव्यू के लिए पहुंचना है, इसकी सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। शोध निदेशक डॉ. एमपी हसन ने बताया कि इंटरव्यू की तारीख विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गयी है। अभ्यर्थियों की सूची उनके नंबर के अनुसार तैयार कर वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
22 से 24 अक्टूबर तक संबंधित विभागों को भेजी जाएगी सूची
विश्वविद्यालय में 2009 पीएचडी रेगुलेशन के तहत जिन अभ्यर्थियों का कोर्स वर्क या डीआरसी पूरा हो चुका है, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। यह सूची 22 से 24 अक्टूबर के बीच संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। इससे संबंधित विभागों को आगे की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा होगी।
जनवरी 2027 से शुरू होगा पीएचडी कोर्स वर्क
रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी नामांकन के बाद कोर्स वर्क की शुरुआत 2 जनवरी 2027 से प्रस्तावित है। कोर्स वर्क में पहला पेपर सामान्य होगा, जबकि दूसरा और तीसरा पेपर संबंधित विषय के अनुरूप रहेगा। इसके लिए शोध निदेशालय ने सभी पीजी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र भेजा है। विभागों से दूसरे और तीसरे पेपर के सिलेबस का प्रारूप मांगा गया है, ताकि समय पर कोर्स वर्क शुरू किया जा सके। विभागों से प्राप्त प्रारूप के बाद कोर्स वर्क का अंतिम सिलेबस जारी किया जाएगा।
डोरंडा कॉलेज में शुरू हुआ ‘हिलोर 2026’ युवा महोत्सव
इधर, डोरंडा कॉलेज में मंगलवार से तीन दिवसीय ‘हिलोर 2026’ युवा महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव के पहले दिन कॉलेज परिसर में संगीत और नृत्य से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रांची विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कला एवं संस्कृति के निदेशक डॉ. आनंद ठाकुर शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. मंजू लाल, डॉ. शिल्पी सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार और डॉ. मलय भारती समेत अन्य लोग मौजूद रहे। डॉ. आनंद ठाकुर ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर अपने सुझाव कला एवं संस्कृति निदेशालय को भेजने की अपील की।
संगीत और नृत्य की आठ विधाओं में हुई प्रतियोगिता
महोत्सव के पहले दिन दूसरे सत्र में संगीत और नृत्य की आठ विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। इनमें सुगम या हल्का एकल गायन, पाश्चात्य एकल गायन, भारतीय एवं पाश्चात्य समूह गायन, लोक वाद्यवृंद, शास्त्रीय एवं पाश्चात्य एकल वाद्य वादन, शास्त्रीय नृत्य और लोक-आदिवासी नृत्य शामिल रहे। प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका डॉ. मृणाल पाठक और डॉ. विपुल नायक ने निभाई। कार्यक्रम के संचालन में डॉ. प्रिया कुमारी, डॉ. युगेश कुमार महतो, डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. ममता प्रिया कुजूर और मीडिया प्रभारी अवधेश कुमार समेत अन्य की भूमिका रही।


















