लखनऊ : CM Yogi का अनुमान – महाकुंभ में 60 करोड़ लगाएंगे डुबकी और यूपी को मिलेगा साढ़े 3 लाख करोड़ का राजस्व। महाकुंभ के दौरान हाल के दिनों में हुए हादसों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए CM Yogi आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रतिपक्षियों के हर सवाल का जवाब अपने अंदाज में बिना किसी का नाम लिए दिया। इस क्रम में CM Yogi ने PM Modi के विजन की जमकर सराहना की।
CM Yogi ने कहा कि – ‘…महाकुंभ अब तक का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। अब तक 53 करोड़ श्रद्धालुजन मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की पावन डुबकी लगा चुके हैं। आगले 9 दिनों तक यह उत्सव इसी रूप में चलने वाला है।
…मेरा अनुमान है कि ये संख्या 60 करोड़ तक पहुंचती है। …तो ये मान के चलिए कि यूपी की जो इकोनॉमी होगी, वह लगभग सवा से साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त यूपी की जीडीपी में बढ़ोत्तरी होने वाली है।’
बोले CM Yogi – पूरा देश आ रहा प्रयागराज…
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को आयोजित ‘युवा उद्यमियों से संवाद’ कार्यक्रम में उद्यमियों से संवाद कार्यक्रम में CM Yogi आदित्यनाथ ने इसी क्रम में आगे कहा कि – ‘…मैं परसों काशी में था। और मुझे ये बताने में कोई संकोच नहीं है। जब भी मैं वहां काशीवासियों से बात कर रहा था, उन सबने कहा कि ऐसी भीड़ पहले कभी काशी में उन्होंने नहीं देखी थी जो पिछले डेढ़ महीने से देख रहे हैं।
…और पूरा देश आ रहा है प्रयागराज में। …प्रयागराज में वर्ष 2013 में भी कुंभ था। प्रयागराज के कुंभ में 2013 में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे। आयोजन 55 दिन का था। 2019 में अर्द्धकुुंभ था। उसे हमने 2019 में कुंभ के रूप में आयोजित किया था।
उस अवसर पर प्रयागराज में कुल श्रद्धालुजन और पर्यटक आए थे कुल करीब 24 करोड़। …और इस बार अभी तक…प्रयागराज महाकुंभ की दृष्टि से देखेंगे तो अभी तक कुल 45 दिन के आयोजन में 36 दिन हो चुके हैं। अब मात्र 9 दिन बाकी हैं। इन 8-9 दिनों को छोड़ दे तो इन 35-36 दिनों ही 53 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में आ चुका है।
…और कितने बड़े स्केल में ?…यानी इन 35 दिनों के अंदर रूटीन में 40 फ्लाइट तो चल ही रही हैं लेकिन वहां नए फ्लाइट 700 से भी ज्यादा चार्टर्ड वाले उतरे हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रेलवे को मेला स्पेशल ट्रेन चलानी पड़ रही है। 14 हजार बसों का बेड़ा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के पास हैं…ये भी चल रही हैं।
आज भी…प्रात:काल 8 बजे आज भी जब मैं रिपोर्ट ले रहा था तो तब तक 40 लाख श्रद्धालु केवल आज स्नान कर चुके थे। ये क्रम दिनभर चलता रहेगा।’

‘महाकुंभ ने बताया कि आस्था का इकोनॉमिक ऑस्पेक्ट क्या है…’
CM Yogi ने कहा कि – ‘…रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टेशन, पार्किंग प्लेस …सब भरे हुए हैं। मेला क्षेत्र पूरा भरा हुआ है…स्नान चल रहा है। ये क्रम… ये केवल आस्था को सम्मान देने का ही अभियान नहीं है। आस्था को सम्मान मिलना चाहिए, ये अच्छी बात है। लेकिन आस्था का इकोनॉमिक ऑस्पेक्ट क्या है ?
…ये उससे भी महत्वपूर्ण है। कल्पना करिए कि यह भारत की पोटेंशियल है और यही भारत की आस्था को अगर सम्मान दिया गया होता तो भारत किन ऊंचाइयों को प्राप्त करता ?
…आप सभी उद्यमी हैं। आप ही सोच लें कि अगर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलकर के साढ़े 7 हजार करोड़ का निवेश हो और साढ़े 3 लाख करोड़ का राजस्व मिले तो कौन सा सौदा सही है?
आप सभी उद्यमी हैं, निवेश के अच्छे जानकार हैं…आप ही बताइए ना…? …मुझे लगता है कि महाकुंभ का विरोध करने वालो की तुलना में हमारी इकोनॉमी बेहतर होगी।’

CM Yogi – महाकुंभ से दुनिया को हो रहा भारत की ताकत का अहसास…
CM Yogi आदित्यनाथ ने इसी क्रम में आगे कहा कि –‘…अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि…वहां पर भी इस समय काफी प्रेसर है। वहां से प्रयागराज और फिर वहां से काशी। …तीनों ऐसे स्थल हैं जहां इस समय देश और दुनिया से आए हुए श्रद्धालुजन श्रद्धाभाव से वहां पर आस्था को व्यक्त कर रहे हैं।
…यह एक अवसर है हम सबके सामने…जब हम इस आयोजन के साक्षी बनने जा रहे हैं। इस आयोजन के माध्यम से हम दुनिया को अपनी ताकत का एहसास भी करा रहे हैं। मित्रों, जैसा कि आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश देश की आबादी का सबसे बड़ा राज्य है। 25 करोड़ की आबादी इस राज्य में निवास करती है।
…ये हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पिछले 10 वर्ष के अंदर देश के अंदर एक माहौल खड़ा हुआ। पहली बार देश में आस्था को सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में प्राप्त हुआ। उन्होंने भारत के इस पोटेंशियल को पहचाना और आज भारत के अंदर उन सभी स्थलों को फिर से मान्यता प्राप्त हुई जिनके लिए भारत भारत के रूप में जाना जाता रहा है।

…मोदी ने पहली बार इस बात का अहसास कराया भारतवासियों को कि नहीं, …हमें एक भारतीय के रूप में भारत से जुड़े हुए जीवन मूल्यों को, भारत की आस्था को, भारत के प्रोडक्ट को हम महत्व देकर के स्वयं की महत्ता को बढ़ा सकते हैं। हम दूसरों की उपलब्धियों पर गौरव की अनुभूति करने की बजाय अपने पूर्वजों के विरासत पर गौरव की अनुभूति करेंगे तो हम दुनिया को बहुत कुछ दे पाएंगे।
…और आज प्रयागराज वही कर रहा है। प्रयागराज ने बताया है कि हमारे पास क्या स्केल है, क्या स्किल है, क्या पोटेंशियल है ?
काशी भी बता रही है…अयोध्या भी बता रहा है। कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है ? कितने लोगों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने में मदद मिली है ? कितना वृहद आयोजन बनकर के आज देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।’


















