Controversial Statement : ज्ञानवापी के लिए बोले जगद्गुरु परमहंस – राम मंदिर जैसा इंतजार नहीं करेंगे

डिजीटल डेस्क : Controversial Statementज्ञानवापी के लिए बोले जगद्गुरु परमहंस – राम मंदिर जैसा इंतजार नहीं करेंगे। अयोध्या तपस्वी छानवी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस ने सोमवार को ज्ञानवापी को लेकर तीखा बयान दिया है।

वह सोमवार शाम सुल्तानपुर के कूरेभार स्थित मदनपुर पहुंचे और वाराणसी के ज्ञानवापी विवाद को लेकर कहा कि हम लोग संवैधानिक दायरे में इंतजार कर रहे हैं। हालांकि राम मंदिर जैसा इंतजार नहीं करेंगे, जरुरत पड़ी तो कानून को हाथ में लेंगे।

जगदगुरु बोले – देर से मिलने वाला न्याय अन्याय सरीखा

बात यहीं खत्म नहीं हुई। जगदगुरु परमहंस ने आगे बड़ी बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा, ‘…हम लोग संवैधानिक दायरे में इंजतार कर रहे हैं, लेकिन इतना इंतजार नहीं करेंगे। राम मंदिर जैसे 500 साल तक कई पीढ़ियां मुकदमा लड़ें, ये नहीं हो सकता।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था कि देर से जो न्याय मिलता है, वो अन्याय के सामान होता है। जरूरत पड़ेगी तो हम लोग कानून को हाथ में लेंगे। ऐतिहासिक स्थल को हम लोग पुन: प्रतिष्ठा करेंगे’।

अयोध्या तपस्वी छानवी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस की फाइल फोटो
अयोध्या तपस्वी छानवी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस की फाइल फोटो

जगद्गुरु ने कहा – भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना होगा, बांग्लादेश भारत का हिस्सा

जगद्गुरु परमहंस ने आगे कहा कि – ‘…बांग्लादेश, भारत का हिस्सा है। …जब से वो (बांग्लादेश) अलग हुआ है और इस्लामिक राष्ट्र बना तो वहां लगातार सनातनियों पर अत्याचार हुए। हिंसा हुई, रेप हुए और सनातनियों की संख्या दिनों दिन कम हुई है।

…ये भारतीय संस्कृति (वैदिक संस्कृति) के लिए बड़ी चेतावनी है। इसको बचाना है तो बंटवारे से बचकर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना होगा’।

अयोध्या तपस्वी छानवी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस और ज्ञानवापी की फाइल फोटो
अयोध्या तपस्वी छानवी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस और ज्ञानवापी की फाइल फोटो

जगद्गुरु ने आगे कहा – ताजमहल नाम आक्रांताओं की देन, तेजो महालय है उसका असल नाम…

पीठाधीश्वर जगदगुरू परमहंस यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि – ‘…अभी कुछ दिन पहले मैं तेजोमहालय गया था, जिसको लोग ताजमहल बोलते है। धर्मदंड की वजह से मुझे प्रवेश नहीं दिया गया, लेकिन बाद में एएसआई चीफ ने हमसे क्षमा मांगा।

…दो वर्ष बाद अब जब हम गए तो हमको किसी ने रोका नहीं और अंदर तक हम गए, दर्शन किया। दरअसल शिवालय राजा मान सिंह का बनाया है, जिसका नाम तेजो महालय है।

…जिस समय आक्रांताओं का आतंक चल रहा था, उसी दौर में लोगों ने तेजो महालय को ताजमहल कहना शुरू कर दिया। मुगलों ने जैसे राम मंदिर को बाबरी मस्जिद बना दिया, लेकिन बाद में सच सामने आया। ताजमहल विश्व का सातवां अजूबा है, प्रेम की निशानी है। वहां भगवान शिव का मंदिर है।

…शाहजहां के लड़के ने अपने तीन भाइयों का कत्ल किया था और शाहजहां को जेल में सड़ा दिया था, इसलिए इन आक्रांताओं के समय में हमारे ऐहतिहासिक स्थलों से छेड़छाड़ की गई। इतिहास को विकृत किया गया। …हम लोग वास्तविकता को पता करके सामने लाने के प्रयास में जुटे हुए हैं’।

Saffrn

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