रांची : बेलवरण के साथ राजधानी के दुर्गापूजा पंडालों के पट खुल गए है. इसके साथ ही भक्त माता के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में पहुंचने लगे. वहीं बाजारों में पहले की तरह से ही भीड़ दिख रही है, लेकिन इन सब के बीच हर दिन कोरोना मरीज भी मिल रहे हैं. इसमें सबसे अधिक रांची से ही मरीजों के मिलने की संख्या है. साथ ही कोरोना जांच करवाने वालों की संख्या भी पिछले माह की तुलना में 30 प्रतिशत कम हुई है. दूसरी ओर त्योहार शुरू होते ही एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. हालांकि स्वस्थ होने वालों की संख्या भी बढ़ी है.
फिर से कोरोना को कर रहे आमंत्रित
कोरोना एक बार फिर से दस्तक दे रहा है, लेकिन रांची में लोगों के द्वारा लापरवाही भी देखने को मिल रही है. आपको बता दें कि राज्य में पिछले 19 दिनों में कोरोना केस दोगुने हो गए हैं. लोगों की लापरवाही और प्रशासन की ढिलाई की वजह से संक्रमण फैल रहा है. वहीं लोग कोरोना गाइडलाइन भूलते जा रहे हैं. साथ ही ऑटो स्टैंड, बाजार से लेकर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन, अस्पताल में लोग बिना मॉस्क के नजर आ रहे हैं. साथ ही शारीरिक दूरी भी लोग भूलते जा रहे हैं. ऐसे में रांची वासियों का कहना है कि जो लोग मॉस्क नहीं पहन रहे हैं वे फिर से कोरोना को आमंत्रित कर रहे हैं. लोगों को अब कोरोना के तीसरे लहर से बचने के लिए मास्को सैनिटाइजर का उपयोग करना होगा…
संक्रमितों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी की संभावना
झारखंड में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है. उसको लेकर रिम्स के डा. देवेश कुमार बताते हैं कि भीड़ बढ़ने से कोरोना के संक्रमितों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस शहर में लोगों का आना-जाना ज्यादा रहेगा वहां कोरोना होने की संभावना अधिक रहेगी. ऐसे में कोरोना की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है. लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है और भीड़-भाड़ से दूर रहने की जरुरत है. लोगों को खुद सक्रिय होकर वैक्सीन की दोनों डोज लेनी चाहिए और कोविड गाइडलाइन का पालन करना चाहिए.
रिपोर्ट : करिश्मा सिन्हा
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