झारखंड में CDPO नियुक्ति परीक्षा रद्द करने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। वहीं रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 60 दिनों के लिए धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
Jharkhand News रांची: झारखंड में बाल विकास परियोजना अधिकारी यानी CDPO की नियुक्ति परीक्षा रद्द किए जाने का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। प्रार्थी सुभाष मुर्मू की ओर से वरीय अधिवक्ता इन्द्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में राज्य सरकार की ओर से 18 अगस्त को जारी उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसके तहत CDPO की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी।
Jharkhand News: CDPO नियुक्ति रद्द करने के आदेश को चुनौती
याचिका पर सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले को सूचीबद्ध कर लिया है। अब अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी और नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पक्ष रखा जाएगा।
CDPO नियुक्ति परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद अभ्यर्थियों के बीच भी इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Key Highlights
CDPO नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
सुभाष मुर्मू की ओर से इन्द्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने याचिका दाखिल की।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
JPSC सिविल सेवा 11वीं से 13वीं परीक्षा रद्द करने के खिलाफ भी याचिका दाखिल।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 60 दिनों के लिए धरना-प्रदर्शन पर रोक।
Jharkhand News: JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने के खिलाफ भी याचिका
इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की सिविल सेवा 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द किए जाने के खिलाफ भी हाईकोर्ट में एक और याचिका दाखिल की गई है।
परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली इस याचिका पर भी आगे सुनवाई होगी। इससे पहले नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।
Jharkhand News: जयपाल सिंह स्टेडियम में 60 दिनों तक धरना-प्रदर्शन पर रोक
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अब धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। रांची सदर एसडीओ कुमार रजत ने स्टेडियम परिसर में 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
आदेश के तहत स्टेडियम में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन करने और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि छात्र संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिनों तक आंदोलन किया था। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा लागू की गई है।
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