झारखंड हाईकोर्ट ने प्रभावित अभ्यर्थियों को याचिका के अंतिम निबटारे तक काम करने की अनुमति दी है। वहीं CGL घोटाले की जांच के लिए 17 सदस्यीय नई SIT बनी है।
Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में प्रार्थी सोनम कुमारी और समान परिस्थितियों वाले अन्य प्रभावित अभ्यर्थियों को रिट याचिका के अंतिम निबटारे तक काम करने देने का निर्देश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया है, जो संवैधानिक रूप से गलत है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
Jharkhand High Court: अभ्यर्थियों को देना होगा अंडरटेकिंग
अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रार्थी और समान परिस्थितियों वाले प्रभावित अभ्यर्थियों को काम करने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है। उन्हें शपथ पत्र या अंडरटेकिंग देना होगा कि संबंधित आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट का अंतिम फैसला उन पर बाध्यकारी होगा।
साथ ही सरकार को कानून के अनुसार आगे उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता होगी। यानी ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले के आधार पर सरकार नियमानुसार कार्रवाई कर सकेगी।
अदालत की टिप्पणी को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नियुक्ति और परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों के अधिकार तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
Key Highlights
झारखंड हाईकोर्ट ने प्रभावित अभ्यर्थियों को याचिका के अंतिम निबटारे तक काम करने की अनुमति दी।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा।
अभ्यर्थियों को ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले को मानने संबंधी अंडरटेकिंग देनी होगी।
CGL घोटाले की जांच के लिए 17 सदस्यीय नई SIT गठित, आईजी अनूप बिरथरे करेंगे नेतृत्व।
CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के मामले में 21 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
Jharkhand High Court: CGL घोटाले की जांच के लिए नई 17 सदस्यीय SIT
इधर, जेएसएससी की चर्चित सीजीएल परीक्षा समेत झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी को अब कुल 45 परीक्षाओं की जांच करनी है।
सीजीएल परीक्षा रद्द होने के बाद इसकी जांच के लिए सीआईडी ने 17 सदस्यीय नई एसआईटी गठित की है। एसआईटी का नेतृत्व आईजी अनूप बिरथरे करेंगे। इससे पहले भी इस मामले में हुई जांच का नेतृत्व अनूप बिरथरे कर चुके हैं।
नई टीम में सात अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इनमें डीआईजी एससीआरबी वाइएस रमेश, एसपी विशेष शाखा हृदीप पी. जनार्दनन, एसपी एसआईबी सौरभ, एसपी पुलिस मुख्यालय निधि द्विवेदी, एसपी सीआईडी पूज्य प्रकाश, एसपी सीआईडी रोशन गुड़िया और एएसपी चैनपुर श्रुति शामिल हैं।
Jharkhand High Court: CDPO मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई
बाल विकास परियोजना अधिकारी यानी CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर 21 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सूचीबद्ध है।
वहीं, जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर कानूनी सवाल भी उठ रहे हैं। खासकर उन परीक्षाओं को लेकर, जिनके आधार पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है और वे नौकरी कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि नियुक्ति की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या अवैधता पाई जाती है तो संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन केवल परीक्षा के विज्ञापन को रद्द करने से नियुक्ति की स्थिति स्वतः स्पष्ट नहीं होती। ऐसे में सरकार के आदेश की कानूनी वैधता और उसके प्रभाव को लेकर आगे अदालत में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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