पूर्व मंत्री राजा पीटर को राहत देने से कोर्ट का इनकार, अवैध खनन करने वालों को संरक्षण दे रही है सरकार- ट्रिब्यूनल

राजा पीटर की जमानत याचिका खारिज

Ranchi–राजा पीटर की जमानत याचिका खारिज– आखिरकार पूर्व मंत्री राजा पीटर ऊर्फ गोपाल कृष्ण पातर को झारखंड हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई. आर मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी.

इसके पहले 30 मार्च को सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

बता दें कि राजा पीटर को पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है. वह साढ़े चार साल से जेल में बंद है. निचली अदालत से राहत नहीं मिलने पर राजा पीटर ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई थी.

यहां बता दें कि पूर्व मंत्री और तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा नौ जुलाई 2008 को बुंडू के एसएस हाई स्कूल में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे.

समारोह में छात्रों को सम्मानित के दौरान कुंदन पाहन के दस्ते ने ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी थी.

इस फायरिंग में  रमेश सिंह मुंडा,दो सरकारी बॉडीगार्ड शिवनाथ मिंज और खुर्शीद आलम सहित एक छात्र रामधन पातर की मौत हो गई थी.

कुंदन पाहन से पूछताछ में सामने आया था राजा पीटर

पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या को लेकर बुंडू थाना में मामला दर्ज किया गया था. परिजनों की मांग पर इस मामले की जांच का जिम्मा एनआइए को सौंपा गया था.

कुंदन पाहन के सरेंडर करने के बाद पूछताछ के दौरान पूर्व मंत्री राजा पीटर का नाम सामने आया था.

जानकारी मिली थी कि राजा पीटर ही इस हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार थे.

पलामू के ध्वजा पहाड़ पर अवैध उत्खनन मामले में NGT का फैसला

एनजीटी (National Green Tribunal) में पलामू के ध्वजा पहाड़ के अवैध खनन को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई.

सुनवाई के दौरान जांच कमेटी की रिपोर्ट का अवलोकन करने की बाद ट्रिब्यूनल ने कहा कि पलामू में अवैध खनन हुआ है.

ट्रिब्यूनल ने झारखंड प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को निर्देश दिया कि वह इस बात की जांच करें कि अवैध खनन की वजह से पर्यावरण को कितना नुकसान हुआ. ताकि उसी के अनुसार खनन करने पर जुर्माना लगाया जा सके.

जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उक्त पहाड़ पर कई जगहों चार फीट से लेकर दस फीट तक खनन किया गया है.

इस दौरान खनन करने वाले की ओर से कहा गया कि वह आने-जाने का रास्ता बना रहा था.

कुछ गड्ढे पहले से ही थे. इस पर ट्रिब्यूनल ने कहा कि उन्हें सब पता है.

अवैध खनन करने वालों को संरक्षण दे रही है सरकार- ट्रिब्यूनल

प्रतिवादी गुमराह करने की कोशिश नहीं करे. ट्रिब्यूनल ने चेतावनी देते हुए मौखिक रूप से कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि
सरकार अवैध खनन वाले को बचा रहे हैं.

अगर ऐसा है, तो ट्रिब्यूनल सरकार पर भी भारी जुर्माना लगाएगी.

मामले में अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी.

पलामू के ध्वजा पहाड़ पर अवैध खनन को लेकर ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की गई है.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अनूप कुमार अग्रवाल ने ट्रिब्यूनल ने बताया कि पलामू के पांडू प्रखंड में खनन का पट्टा खाता संख्या 174 और प्लाट संख्या 1046 आवंटित किया गया था.

लेकिन पट्टाधारी ने खाता संख्या 206 खाता संख्या 1048 में माइनिंग शुरू कर दिया.

जबकि प्लाट पर पांच एकड में ध्वजा पहाड़ और जंगल है. पेड़ों की कटाई और अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया.

इसके बाद इस मामले की जांच सीओ से कराई गई.

जांच के बाद सीओ ने पट्टाधारी को पत्र लिखकर कहा कि अवैध माइनिंग की जा रही है.

इसे बंद नहीं किया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.

रिपोर्ट- प्रोजेश

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