विदेश में बैठे झारखंड के गैंगस्टरों पर शिकंजा, Extradition प्रक्रिया तेज, CBI के निर्देश पर पुलिस सक्रिय

झारखंड के तीन कुख्यात गैंगस्टर विदेश से गिरोह चला रहे हैं। CBI निदेशक के पत्र के बाद राज्य पुलिस ने रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस व प्रत्यर्पण की कार्रवाई तेज की।


Extradition :विदेश से गिरोह चला रहे झारखंड के गैंगस्टर

रांची:झारखंड से फरार होकर विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है। CBI निदेशक द्वारा राज्य पुलिस को भेजे गए पत्र के बाद प्रत्यर्पण संधि के तहत इन अपराधियों को भारत लाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। फिलहाल झारखंड के तीन गैंगस्टर विदेश में रहकर अपने अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं।

Extradition : CBI निदेशक का राज्य पुलिस को पत्र

सूत्रों के अनुसार, CBI निदेशक ने रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने तथा प्रत्यर्पण से जुड़ी कार्रवाई को गति देने के लिए झारखंड पुलिस को पत्र लिखा है। यह पत्र 16 और 17 जनवरी 2025 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद भेजा गया, जिसमें प्रत्यर्पण से जुड़ी चुनौतियों और नीति पर चर्चा की गई थी। इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री ने किया था।

विदेश में सक्रिय झारखंड के तीन गैंगस्टरों पर कार्रवाई तेज

CBI निदेशक ने प्रत्यर्पण को लेकर राज्य पुलिस को लिखा पत्र

प्रिंस खान पर रेड कॉर्नर नोटिस पहले से जारी

राहुल सिंह पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी

नेपाल से गिरोह संचालन की आशंका, रंगदारी के कई मामले दर्ज


Extradition : प्रिंस खान और राहुल सिंह पर कार्रवाई तेज

धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान विदेश से गिरोह चला रहा है, जिसके खिलाफ पहले से रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। वहीं लातेहार जिले के चंदवा निवासी राहुल सिंह के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। राहुल सिंह पर हत्या, रंगदारी, फायरिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

Extradition : नेपाल से गिरोह संचालन की आशंका

रामगढ़ जिले का कुख्यात अपराधी राहुल दुबे भी विदेश में बैठकर गिरोह संचालन कर रहा है। पुलिस को आशंका है कि वह नेपाल से अपने नेटवर्क को चला रहा है। हाल ही में राहुल दुबे के गिरोह ने एक बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। उसके खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 में एक नाबालिग की हत्या के मामले के बाद से वह फरार चल रहा है।

Extradition : इंटरपोल नोटिस में देरी बनी चुनौती

सम्मेलन में यह भी सामने आया कि कई मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद रेड कॉर्नर नोटिस को प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ाया जाता, जिससे प्रत्यर्पण प्रक्रिया कमजोर पड़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया गया है कि फरार अपराधियों के मामलों में इंटरपोल नोटिस से जुड़ी कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जाए।

Extradition : मयंक सिंह की गिरफ्तारी बनी मिसाल

हाल के महीनों में झारखंड पुलिस ने अजरबैजान से कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत लाकर बड़ी सफलता हासिल की थी। मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद उसे झारखंड लाया गया। इस कार्रवाई को उदाहरण मानते हुए अब अन्य फरार गैंगस्टरों को भी भारत लाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि CBI के पत्र और केंद्र के सहयोग से आने वाले दिनों में झारखंड के फरार गैंगस्टरों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई और तेज होगी।

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