Crime Update के तहत धुर्वा में लापता अंश और अंशिका को शालीमार बाजार में देखे जाने का दावा, सूरज कुमार ने पुलिस को दी अहम जानकारी, जांच तेज
Crime Update रांची: रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र की मल्लार टोली मौसीबाड़ी से दो जनवरी से लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीया बहन अंशिका का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के आठवें दिन शुक्रवार को जांच में नया मोड़ तब आया, जब शालीमार बाजार के एक सब्जी विक्रेता ने बच्चों को उसी दिन वहां देखे जाने का दावा किया।
मीडिया जब शालीमार बाजार पहुंची तो शहीद मैदान के पास आलू प्याज बेचने वाले सूरज कुमार ने बताया कि उसने दो जनवरी शुक्रवार को दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच दो छोटे बच्चों को वहां देखा था, जो अंश और अंशिका जैसे ही लग रहे थे। उसने वह स्थान भी दिखाया, जहां उसने बच्चों को देखा था। हालांकि उसने यह भी कहा कि उसने सिर्फ एक झलक देखी थी, इसलिए वह पूरी तरह कंफर्म नहीं कर सकता।
Key Highlights
अंश और अंशिका आठ दिनों से लापता, अब तक कोई सुराग नहीं
शालीमार बाजार के सब्जी विक्रेता ने बच्चों को देखने का दावा किया
हटिया डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर कई दुकानदारों से पूछताछ की
2023 में इसी इलाके से अभी कुमार भी हो चुका है लापता
मेला और बाजार के रास्ते पर पुलिस ने जांच तेज की
Crime Update :शालीमार बाजार में बच्चों को देखे जाने का दावा
सूरज कुमार के अनुसार बच्चे उसकी दुकान से थोड़ी दूरी पर शहीद मैदान के किनारे दिखाई दिए थे। पुलिस और मीडिया द्वारा पूछताछ में उसने दोहराया कि उम्र और कद काठी के हिसाब से वे अंश और अंशिका जैसे ही थे। इस जानकारी के बाद पुलिस ने तत्काल शहीद मैदान और आसपास के बाजार क्षेत्र में जांच तेज कर दी है।
रांची पुलिस को सूचना मिलने पर हटिया के डीएसपी पीके मिश्रा मौके पर पहुंचे और सूरज के साथ ही सात आठ अन्य सब्जी विक्रेताओं से भी पूछताछ की। हालांकि, केवल सूरज कुमार ने ही बच्चों को देखने का दावा किया, बाकी विक्रेताओं ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की।
Crime Update :पहले भी मौसीबाड़ी से लापता हो चुका है एक बच्चा
इस मामले ने एक पुरानी घटना की भी याद दिला दी है। दो अप्रैल 2023 को इसी मौसीबाड़ी इलाके से लक्ष्मण महली का पांच वर्षीय पुत्र अभी कुमार लापता हो गया था, जो अब तक नहीं मिला है। अभी की बहन राधिका ने बताया कि उसका भाई शाम छह बजे घर के बाहर खेलते हुए अचानक गायब हो गया था। पिता ने धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन आज तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
अभी का मामला सामने आने के बाद इलाके के लोग और ज्यादा सहमे हुए हैं, क्योंकि दो साल के भीतर इसी इलाके से दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
Crime Update :मेला और बाजार के रास्ते पर पुलिस की नजर
जानकारी के मुताबिक अंश और अंशिका घर से निकलकर जिस दुकान से फिंगर लॉलीपॉप खरीदे थे, वही रास्ता आगे शहीद मैदान होते हुए शालीमार बाजार तक जाता है। जिस स्थान पर बच्चों को देखे जाने की बात कही जा रही है, वहां से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर मेला लगा हुआ है। शालीमार बाजार और मेला के बीच मत्स्य विभाग का कार्यालय है और उसके बाद मेला स्थल है।
पुलिस अब इस पूरे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और आसपास के लोगों से पूछताछ में जुटी है, ताकि बच्चों की आखिरी लोकेशन की पुष्टि हो सके।
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