Jharkhand High Court ने साइबर ठगी पीड़ितों को राहत देते हुए आईटी एक्ट की धारा 46 के तहत एजुकेटिंग अफसर कार्यालय एक माह में सक्रिय करने का आदेश दिया।
Cyber Fraud Relief रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार लोगों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को अहम निर्देश जारी किया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने आईटी एक्ट के नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और साइबर घटनाओं पर रोक लगाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश दिया कि आईटी एक्ट की धारा 46 के तहत एजुकेटिंग अफसर के कार्यालय को एक माह के भीतर पूरी तरह सक्रिय किया जाए।
अदालत ने कहा कि इससे साइबर ठगी के पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा और वे अपनी शिकायतों का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
Cyber Fraud Relief:सरकार को कोर्ट की फटकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2003 में ही आईटी एक्ट के तहत नियम बना दिए थे, लेकिन झारखंड में यह व्यवस्था अब तक केवल कागजों में ही सीमित क्यों रही।
अदालत ने यह भी कहा कि जागरूकता की कमी के कारण लोगों को यह जानकारी ही नहीं थी कि साइबर ठगी या डिजिटल फ्रॉड होने पर वे सरकार के पास शिकायत दर्ज कर नुकसान की भरपाई भी मांग सकते हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल नियुक्ति आदेश जारी कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका असर जमीन पर भी दिखना चाहिए।
Cyber Fraud Relief:आईटी सचिव को बनाया गया एजुकेटिंग अफसर
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि 2 सितंबर 2025 को आईटी सचिव को एजुकेटिंग अफसर नियुक्त किया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि नियुक्ति सिर्फ कागजों में नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कार्यालय पूरी तरह सक्रिय होकर पीड़ितों को वास्तविक राहत दे।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एजुकेटिंग अफसर के पास न्यायिक शक्तियां होंगी और वे साइबर ठगी से जुड़े मामलों में सुनवाई कर उचित निर्णय दे सकेंगे।
Key Highlights:
• साइबर ठगी पीड़ितों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत
• राज्य सरकार को एक माह में एजुकेटिंग अफसर कार्यालय सक्रिय करने का निर्देश
• आईटी एक्ट की धारा 46 के तहत शिकायतों का होगा त्वरित निपटारा
• कोर्ट ने सरकार को व्यवस्था कागजों तक सीमित रखने पर फटकार लगाई
• पीड़ित अब ईमेल के जरिए घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकेंगे
Cyber Fraud Relief:घर बैठे ईमेल से दर्ज करें शिकायत
राज्य में अब साइबर ठगी से प्रभावित व्यक्ति घर बैठे ईमेल के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आईटी सचिव के आधिकारिक ईमेल पर शिकायत भेजी जा सकती है।
इसके अलावा संबंधित व्यक्ति आईटी कार्यालय जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे पीड़ितों को पुलिस प्रक्रिया के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी राहत मिलने का रास्ता खुल गया है।
हाईकोर्ट के इस आदेश को राज्य में साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे डिजिटल फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय और आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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