उप विकास आयुक्त ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिख किया रवाना, बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरूद्ध जागरूकता की की अपील
नवादा : उप विकास आयुक्त से समाहरणालय परिसर से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों, नेहा ग्रामीण महिला विकास समिति के सदस्यों तथा विद्यालय की छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।
बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और दंडनीय अपराध
उप विकास आयुक्त नीलिमा साहू ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है, जो बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है तथा उनके सपनों को साकार होने से रोकता है। उन्होंने बताया कि इस बाल विवाह मुक्ति रथ को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नेहा ग्रामीण महिला विकास समिति के संयुक्त प्रयास किए जा रहे हैं। यह जागरूकता रथ जिले के सभी प्रखंडों, सभी पंचायतों तथा सभी मंदिरों में जाकर बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा।
बाल विवाह से मानसिक एवं शारीरिक अवरूद्ध, समाज पर भी इसका नकारात्मक असर
उप विकास आयुक्त ने बाल विवाह को अपराध बताते हुए कहा कि इससे बालिकाओं का सर्वांगीण विकास संभव नहीं हो पाता है। कम उम्र में मातृत्व का दायित्व आने पर वे मानसिक एवं शारीरिक रूप से पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाती हैं। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि समाज पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने सभी से अपील की कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए और जागरूकता फैलाकर बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना चाहिए।
इस अवसर पर प्रभारी जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी अमरनाथ कुमार, डीपीओ आईसीडीएस निरुपमा शंकर, जिला कल्याण पदाधिकारी प्रकाश प्रियरंजन, योजना पदाधिकारी नवीन कुमार के साथ-साथ नेहा ग्रामीण महिला विकास समिति के सदस्य एवं स्कूली छात्राएं उपस्थित थे।
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आनिल पांडेय की रिपोर्ट
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