डिजीटल डेस्क : कश्मीर में पाकिस्तानी एजेंडे को बढ़ाने की कोशिश मत करो, पीएम मोदी ने किया आगाह। खत्म हो चुके संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-ए को फिर से जम्मू कश्मीर में लागू करने के लिए वहां की विधानसभा में 3 दिनों से जारी हंगामे और लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को हुए बवाल व हाथापाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर संज्ञान लिया है।
खत्म हुए विवाद को नए सिरे से तूल देने में जुटी कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस समेत तमाम प्रतिपक्षी दलों को प्रधानमंत्री ने ऐसा न करने के लिए आगाह किया।
शुक्रवार को महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के लिए धुले पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि – ‘पाकिस्तान के एजेंडे को कश्मीर में बढ़ावा देने की कोशिश मत करो। कश्मीर को लेकर अलगाववादियों की भाषा मत बोलो’।
गरजे मोदी – देश में केवल बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान चलेगा…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुले की चुनावी सभा के संबोधन में जम्मू कश्मीर विधानसभा में जारी बवाल को लेकर बयान में सीधे तौर पर कांग्रेस निशाने पर रही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि – ‘…जैसे ही कांग्रेस और इंडी गठबंधन को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का मौका मिला, उन्होंने कश्मीर के खिलाफ अपनी साजिशें शुरू कर दीं।
…दो दिन पहले, उन्होंने अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया। क्या देश यह स्वीकार करेगा?…याद रखो तुम्हारे ये मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।
…जब तक मोदी पर जनता का आशीर्वाद है, कांग्रेस वालों तुम कश्मीर में कुछ नहीं कर पाओगे। देश में केवल बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान चलेगा, ये मोदी का फैसला है’।

दृढ़ता से बोले पीएम मोदी – …कोई भी ताकत 370 वापस नहीं ले सकती
इसी क्रम में बड़े ही दृढ़ अंदाज में प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि – ‘…कांग्रेस ने कश्मीर को आर्टिकल 370 के जरिए देश की मुख्य धारा से अलग किया। कांग्रेस ने कश्मीर में बाबा साहब आंबेडकर का संविधान 75 साल तक लागू नहीं होने दिया।
…इन्हें जवाब देना होगा। यह परिवार सालों तक राज करता रहा फिर भी संविधान लागू नहीं हुआ। …देश में दो संविधान चलते थे। फिर मोदी आया, तब जाकर बाबा साहेब का संविधान जम्मू कश्मीर में लागू हुआ। …कोई भी ताकत 370 वापस नहीं ले सकती।’

पीएम बोले – कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं….भारत के खिलाफ बड़ी साजिश कर रही कांग्रेस…
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि, ‘आजादी के समय बाबासाहेब दलितों और वंचितों के लिए आरक्षण चाहते थे लेकिन नेहरू जी इस बात पर अड़े थे कि दलितों, पिछड़ों और वंचितों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से बाबासाहेब दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर पाए थे। …नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आईं और उनका भी आरक्षण के खिलाफ यही रवैया था। …ये लोग चाहते थे कि एससी, एसटी, ओबीसी हमेशा कमजोर रहें।
राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण का खुलकर विरोध किया था… राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी, इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहा है।
…कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा एससी, एसटी, ओबीसी समाज की एकता को किसी भी तरह से तोड़ना है। …कांग्रेस चाहती है कि एससी, एसटी, ओबीसी समाज अलग-अलग जातियों में बंटा रहे।
…कांग्रेस आदिवासी समाज की पहचान, एसटी की एकता को तोड़ने में लगी हुई है। …कांग्रेस को आदिवासियों की एकता पसंद नहीं है।
…जब कांग्रेस ने धर्म के नाम पर ऐसी साजिश रची थी, तब देश का बंटवारा हुआ था। …अब कांग्रेस एससी, एसटी, ओबीसी की एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर रही है। इससे बड़ी साजिश भारत के खिलाफ नहीं हो सकती…’।
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