पटना: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी कार्यवाही हंगामेदार चल रही है। विधानसभा और विधानपरिषद में विपक्ष स्मार्ट मीटर, आरक्षण और वक्फ संशोधन बिल का लगातार विरोध कर रहा है। इसी दौरान गुरुवार को अचानक अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब राजद विधायक भाई वीरेंद्र दो अन्य विधायकों के साथ मुख्यमंत्री की सीट के समीप जा कर खड़े हो गए।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के इस हरकत को भाजपा और जदयू ने आड़े हाथों लिया है और राजद के नेताओं में अनुशासन की कमी बताया। सत्ता पक्ष के नेताओं ने विधानसभा के अध्यक्ष से भाई वीरेंद्र के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की वहीं राजद ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया है। मामले में राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि हमने किसी भी नियम को तोड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि सदन में सभी पार्टी के सदस्यों की संख्या के अनुसार सीटिंग व्यवस्था की जाती है। लेकिन बिहार विधानसभा में राजद के तीन विधायकों के बैठने की व्यवस्था जदयू खेमे में की गई है यही वजह है कि हम प्रतीकात्मक विरोध करते हुए मुख्यमंत्री की सीट के पास गए। उन्होंने कहा कि हम वहां गए जरुर लेकिन उस सीट पर बैठे नहीं।
उन्होंने कहा कि हम प्रतीकात्मक विरोध के जरिये सरकार को संदेश देना चाह रहे थे कि सदन चलने के लिए एक नियमावली है और उसी के हिसाब से सदन चलना चाहिए। दें कि जिस वक्त राजद विधायक भाई वीरेंद्र मुख्यमंत्री की सीट के पास पहुंचे उस वक्त मुख्यमंत्री अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। वहीं राजद विधायक राजद की टिकट पर विधायक चुने गए चेतन आनंद, वीणा देवी के जदयू खेमे में बैठने का विरोध कर रहे थे।
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पटना से विवेक रंजन की रिपोर्ट
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