पटना: छपरा के जयप्रकाश विश्वविद्यालय में टेंट और टेबल लगाकर परीक्षा लिए जाने के मामले में राजद ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। राजद ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार के शिक्षा विभाग का जो रवैया है उससे समझा जा सकता है कि बिहार के बच्चों का भविष्य कैसा होगा।
मामले में राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही बिहार सरकार ने कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए एक कड़ा कानून लाया है, लेकिन सरकार के स्तर पर जिस तरह से परीक्षा ली जा रही है, यह बताने के लिए काफी है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था कितनी सुदृढ़ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह से बिहार में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और बेहतर परीक्षा कराया जा सकता है। इस तरह से बिहार सरकार के कार्यों के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बिहार में किस तरह की शिक्षा व्यवस्था लागू है और किस तरह से परीक्षा ली जा रही है।
एजाज अहमद ने कहा कि इस तरह की परीक्षा से बिहार के बच्चों का भविष्य और बिहार का भविष्य कैसा होगा यह समझा जा सकता है। 18 वर्षों से बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार है लेकिन बिहार में शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण करने के प्रति सरकार का कोई सोच और दृष्टि स्पष्ट नहीं हो सकी है। जिस कारण इस तरह से परीक्षा ली जा रही है जो कहीं से ना तो छात्रों के हित में है और ना बिहार के हित में। इससे बिहार में शिक्षा व्यवस्था को कैसे बेहतर किया जा सकता है, इसका जवाब बिहार के शिक्षा मंत्री और एनडीए के नेताओं को देनी चाहिए।
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