पटना के डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में आयोजित सम्मान समारोह में मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है।
Education Empowerment पटना: बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा है कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
मंत्री सोमवार को पटना के महेंद्रू स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन थियोसोफिकल छात्रावास, अरफाबाद जीडब्ल्यू छात्रावास, सैदपुर छात्रावास, ढेलवा गोसाईं छात्रावास एवं बाढ़ छात्रावास के पूर्ववर्ती छात्रों द्वारा किया गया था। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित और नियुक्ति प्राप्त करने वाले सैकड़ों प्रतिभाशाली युवाओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
Education Empowerment: सरकारी सेवाओं में चयनित युवाओं को मिला सम्मान
समारोह में वर्तमान और पूर्ववर्ती छात्रों, शिक्षकों तथा छात्रावास प्रबंधन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। मंत्री लखेंद्र पासवान ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इन छात्रों की सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। ऐसे युवा समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं और उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।
Key Highlights
मंत्री लखेंद्र पासवान ने विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित पूर्ववर्ती छात्रों को सम्मानित किया।
सभी प्रखंडों में डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास स्थापित करने की घोषणा दोहराई।
123 मेधावी छात्रों को नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप के तहत विदेश भेजने की जानकारी दी।
छात्रों ने छात्रवृत्ति राशि दोगुनी करने और ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना की सराहना की।
शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया।
Education Empowerment: सभी प्रखंडों में अंबेडकर छात्रावास खोलने की तैयारी
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अंतिम व्यक्ति के विकास के सपने को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर साकार करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने राज्य के सभी प्रखंडों में डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे भी देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें।
Education Empowerment: नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप से खुल रहे नए अवसर
मंत्री ने जानकारी दी कि नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना के तहत समाज के 123 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सरकार प्रत्येक छात्र पर लगभग एक करोड़ रुपये तक खर्च कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहल वंचित वर्ग के छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार युवाओं के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास के लिए हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना और छात्रवृत्ति राशि को दोगुना किए जाने के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं से उनकी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई मजबूती मिली है।
छात्रों ने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिलता तो उनके लिए सफलता के इस मुकाम तक पहुंचना काफी कठिन होता। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने छात्रावास की जरूरतों और छात्रों के सुझावों को भी गंभीरता से सुना तथा उन पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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