जमुई : जमुई जिले के चकाई प्रखंड मुख्यालय स्थित नावाडीह गांव में जंगली हाथियों के एक झुंड ने रविवार की देर रात भारी उत्पात मचा दिया। जंगल से भटककर रिहायशी इलाके और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचे हाथियों के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। हाथियों ने खेतों में लगी धान, अरहर और कसवा की खड़ी फसलों को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। अचानक झुंड के आ धमकने से गांव में अफरा-तफरी मच गई, जिसमें जान बचाकर भागते समय एक नौ साल के बच्चे का हाथ टूट गया। अन्य कई ग्रामीणों के भी घायल होने की खबर है।
टीम के पहुंचते ही ऑपरेशन और किया जाएगा तेज
घटना की जानकारी मिलते ही चकाई पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वहां कैंप कर रही है। लगातार चेतावनी दी जा रही है कि ग्रामीण भीड़ न लगाएँ, लेकिन खतरे के बावजूद बड़ी संख्या में लोग हाथियों को देखने के लिए जुट रहे हैं। वन विभाग लगातार झुंड को जंगल की तरफ खदेड़ने की कोशिश कर रहा है। हाथियों को नियंत्रित करने और सुरक्षित तरीके से जंगल में लौटाने के लिए बंगाल से प्रशिक्षित हाथी-एक्सपर्ट टीम को बुलाया जा रहा है, जिनसे संपर्क किया जा चुका है। टीम के पहुंचते ही ऑपरेशन और तेज किया जाएगा।
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फसलें पूरी तरह बर्बाद होने के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है
फसलें पूरी तरह बर्बाद होने के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीण प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि फसल नुकसान के बाद उनके सामने खड़ी आर्थिक और खाद्यान्न संकट की समस्या को दूर किया जा सके। नावाडीह की पूनम देवी ने बताया कि हाथियों का झुंड पूरे खेत को चट कर जा रहा है। कुछ भी नहीं बचा। हाथी के दौड़ने से गांव का बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। फसल खत्म हो गई है, अब खाने-पीने की दिक्कत भी बढ़ेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत राहत देने और इस प्रकार की घटनाओं पर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
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ब्रह्मदेव प्रसाद की रिपोर्ट
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