Jharkhand: Jharkhand में अब हाथियों का उत्पाद कम हो जाएगा। रास्ता भटक जाने के बाद हाथी लगातार गांवों में घुसकर जान माल को हानि पहुंचा रहे थे। बीते कई दिनों में Jharkhand में हाथियों ने बहुत तबाही मचाई है और कई लोगों को मौत के घाट भी उतार दिया है लेकिन अब इस समस्या का समाधान निकाला जा रहा है। अब हाथियों के कॉरिडोर से गुजरने वाली रेल लाइनों को हटाया जाएगा।
पलामू टाइगर रिजर्व से गुजरनी वाली रेल लाइन होगी डायवर्ट
बता दें पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के कोर एरिया से गुजर रही रेलवे लाइन को आखिरकार डायवर्ट करने का फैसला लिया गया है। यह कदम बाघ और हाथियों के महत्वपूर्ण कॉरिडोर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सोननगर से पतरातू तक रेलवे की तीसरी लाइन परियोजना का काम कई इलाकों में तेजी से आगे बढ़ चुका है, लेकिन पलामू टाइगर रिजर्व का कोर क्षेत्र इस परियोजना के लिए सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था। यह इलाका बाघों और हाथियों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
58 नए कोरिडोर की हुई पहचान
इसके साथ ही Jharkhand में हाथियों के लिए 58 नए एलीफेंट कोरिडोर बनाए जाएंगे। प्रस्तावित कोरिडोर तीन किलोमीटर तक चौड़े होंगे और इस कोरिडोर में विभिन्न तरह के पेड़ भी लगाए जाएंगे।
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